पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों को कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने दी श्रद्धांजलि, हिंदुओं से एकजुटता का किया आह्नान
मथुरा, 18 जनवरी (आईएएनएस)। मथुरा के कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि और उनके परिवारों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया है।
कार्यक्रम में पहलगाम हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी और रेसलिंग की दुनिया के किंग रहे द ग्रेट खली भी पहुंचे। आयोजन में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों को कुछ सहायता राशि भी प्रदान की है, जिससे उनकी मदद हो सके।
कार्यक्रम में पहुंची शुभम द्विवेदी की पत्नी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सनातन धर्म के विरोध में लोग खड़े हो रहे हैं और अब समय आ गया है कि सभी सनातनियों को भी एकजुट होना होगा। हमारे धर्म की रक्षा हमें खुद करनी होगी और जो नरसंहार पहलगाम में हुआ है, वो दोबारा नहीं होना चाहिए।
वहीं कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, "हमारा उद्देश्य पहलगाम हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देना और उनके परिवारों को कुछ सहायता प्रदान करना है। हम उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को भी सम्मानित कर रहे हैं जो धर्म की रक्षा में योगदान दे रहे हैं।" बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर कथावाचक ने कहा कि "जब तक हिंदू जागृत नहीं होंगे, जब तक हिंदू एक स्पष्ट और सशक्त संदेश नहीं देंगे, और जब तक हिंदू निस्वार्थ भाव से अपने समाज के साथ खड़े नहीं होंगे, तब तक ये हत्याएं जारी रहेंगी और पूरी दुनिया मूक बनी रहेगी।"
वहीं, द ग्रेट खली ने कहा, "कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर बिना स्वार्थ के ये कदम उठा रहे हैं क्योंकि वे युवाओं को सनातन धर्म के प्रति जागरूक कर रहे हैं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हूं कि मैं अपने सनातन धर्म के लिए काम आ रहा हूं।" उन्होंने आगे कहा, "बांग्लादेश में हिंदुओं को टारगेट करने वाली जो चीजें हो रही हैं, वे बहुत गलत हैं, और यही वजह है कि हिंदू सनातन धर्म का एकजुट होना बहुत जरूरी है।"
इससे पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सनातन प्रीमियर लीग की घोषणा की थी, जिसमें सिर्फ युवा हिंदुओं को ही शामिल होने का मौका मिला है। इस प्रीमियर लीग से जितना भी पैसा इकट्ठा होगा, उसे गरीब लोगों की मदद में लगाया जाएगा। सनातन प्रीमियर लीग इंदौर में 13 मार्च से 15 मार्च तक होगा, जहां युवाओं को खेल के साथ भारत की संस्कृति और विरासत से अवगत कराया जाएगा।
--आईएएनएस
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