ओवैसी मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं: भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी
कानपुर, 30 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर चंदा चोरी मामले और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भाजपा विधायक सुरेंद्र मैथानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ओवैसी खुद को मुस्लिम समाज का बड़ा नेता मानते हैं, इसलिए उन्हें बयान देते समय जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में ओवैसी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता, सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि ओवैसी आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की जो मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति है, उसके लिए मुस्लिम वोटों की राजनीति कर रहे हैं। देश का पूरा मुस्लिम समाज ओवैसी के साथ है। लेकिन ओवैसी को यह सोचना चाहिए इस प्रकार के बयान देने के पहले कि वह अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे जो भू-माफिया थे, जिनका पूरा जनता में दहशत थी, उनके उदाहरण से अगर वह सभी मुस्लिमों को जोड़ेंगे तो मुझे लगता है मुस्लिमों के साथ वह अन्याय करेंगे।
उन्होंने कहा कि ओवैसी को यह भी सवाल उठाना चाहिए कि मस्जिदों में जकात की चोरी हो रही है या नहीं। इस पर सवाल क्यों नहीं पूछते हैं? अजमेर शरीफ दरगाह पर क्यों नहीं बोलते हैं? हाजी अली मुंबई पर वो क्यों नहीं बोलते हैं? दरगाह शरीफ बहराइच से लेकर बरेली की मजार और निजामुद्दीन औलिया के दरबार तक पर सवाल पूछना चाहिए इनको। हर मस्जिद-दरगाह में आजकल क्यों दो-तीन गुट बने हुए हैं? केवल पैसे के लिए? तमाम जगह यह बात आती है कि जो हमारे मदरसे हैं, मदरसों में भी पैसों के लिए जंग छिड़ी हुई है; दरगाहों में जंग छिड़ी हुई है।
मैथानी ने आगे कहा कि जकात के पैसों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर भी ओवैसी को खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के हित में उपयोग होने वाले धन की सुरक्षा के लिए ओवैसी को आगे आना चाहिए क्योंकि वह स्वयं को देश में मुस्लिम समाज का बड़ा नेता बताते हैं। राम मंदिर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मंदिर के मुद्दे को अपराधियों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये उत्तर प्रदेश है, यह हैदराबाद नहीं है कि आपके भाई बोलें कि '15 मिनट के लिए फोर्स हटा लो।' अरे भाई, तुम 15 मिनट के लिए उत्तर प्रदेश में आकर दिखा दो तो तुम्हें समझ में आ जाएगा कि कैसे जीरो टॉलरेंस पर चलने वाली उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था है, योगी जी की सरकार है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी नागरिकों के लिए समान भाव से काम करते हैं। प्रदेश में हिंदू, मुस्लिम, धर्म, क्षेत्र या भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता और मुस्लिम परिवारों को भी निशुल्क राशन, शौचालय, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समान रूप से मिलता है। मुस्लिम समाज को गुंडागर्दी के भय से जोड़ना और उसे अपराधियों की श्रेणी में खड़ा करना गलत है। आज का पढ़ा-लिखा युवा सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहा है और रोजगार, नौकरी तथा एमएसएमई जैसी योजनाओं से जुड़ रहा है, इसलिए वह ऐसी राजनीति से प्रभावित नहीं होगा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव मुस्लिम समाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए करना चाहते हैं। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में यादव और मुस्लिम समाज के बीच सबसे अधिक संघर्ष देखने को मिला और इस पर भी ओवैसी तथा कांग्रेस को अपनी राय रखनी चाहिए। ओवैसी मुस्लिम समाज के बड़े नेता हैं, लेकिन उन्हें तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर बयान देना चाहिए।
सुरेंद्र मैथानी ने यह भी कहा कि ओवैसी को इस विषय पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जांच कराने का आग्रह किया था। ट्रस्ट और सरकार का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, लेकिन ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच गठित की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि 'दूध का दूध और पानी का पानी' होगा और जांच में आरोपी पकड़े भी जा रहे हैं। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायक ने नसीहत देते हुए ओवैसी से आगे कहा कि वे पूरे देश में मुस्लिम समाज के नेता बनें, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से भी सावधान रहें क्योंकि उनके अनुसार ये दल मुस्लिम समाज को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बांटने का काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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