Aapka Rajasthan

ओवैसी के बयान पर शिवसेना का पलटवार, प्रकाश महाजन बोले- बुर्का इस्लाम की अनिवार्यता नहीं

मुंबई, 10 जनवरी (आईएएनएस)। शिवसेना नेता प्रकाश महाजन ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि मुंबई के मेयर की कुर्सी पर बुर्का पहनने वाली एक नमाजी मुस्लिम महिला बैठ सकती है।
 
ओवैसी के बयान पर शिवसेना का पलटवार, प्रकाश महाजन बोले- बुर्का इस्लाम की अनिवार्यता नहीं

मुंबई, 10 जनवरी (आईएएनएस)। शिवसेना नेता प्रकाश महाजन ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि मुंबई के मेयर की कुर्सी पर बुर्का पहनने वाली एक नमाजी मुस्लिम महिला बैठ सकती है।

इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है और शिवसेना की ओर से इसे लेकर तीखा पलटवार सामने आया है।

प्रकाश महाजन ने आईएएनएस से बातचीत में ओवैसी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि ओवैसी किस तरह के इस्लाम की बात कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जॉर्डन की यात्रा पर गए थे, जहां जॉर्डन के राजा पैगंबर के परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद जॉर्डन के सुल्तान की पत्नी कभी बुर्का नहीं पहनतीं। महाजन के अनुसार, इससे यह साफ होता है कि इस्लाम में बुर्का अनिवार्य नहीं है और इसे इस्लामी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताना सही नहीं है।

शिवसेना नेता ने आगे कहा कि सिर्फ जॉर्डन ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देश में भी महिलाएं आमतौर पर बुर्का नहीं पहनतीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ साल पहले तक तुर्की में भी बुर्का पहनने की परंपरा नहीं थी। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत में इस तरह की संस्कृति को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है। महाजन ने कहा कि यदि कोई बुर्का पहनकर मेयर बन जाता है, तो पहचान का भी सवाल खड़ा होता है कि बुर्के के अंदर कौन सी महिला है।

प्रकाश महाजन ने अपने बयान में पाकिस्तान से जुड़ा एक पुराना किस्सा भी साझा किया। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले पाकिस्तान में एक मजाक चलता था कि इमरान खान की तीसरी या चौथी पत्नी बुर्के में रहती थीं, जिसके कारण यह पहचानना मुश्किल हो जाता था कि उनका असली चेहरा कैसा है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने फिर दोहराया कि बुर्का इस्लाम की मूल संस्कृति नहीं है।

उन्होंने फिर जोर देते हुए कहा कि जब जॉर्डन जैसे देश में, जहां शासक परिवार का धार्मिक महत्व है, वहां की सुल्तान की पत्नी बुर्का नहीं पहनतीं, तो फिर बुर्के को इस्लाम से जोड़कर राजनीति करना उचित नहीं है।

--आईएएनएस

एएसएच/एएस