आउटसोर्सिंग को लेकर अखिलेश ने भाजपा पर लगाया आरोप, बोले-सरकारी नौकरी होगी तो कमीशन नहीं ले पाएंगे
लखनऊ, 21 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को भाजपा सरकार पर रोजगार, आरक्षण, पेपर लीक, आउटसोर्सिंग, आंबेडकर प्रतिमाओं और संविधान समेत कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 20 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और इसके पीछे सरकारी नौकरियों के बजाय आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देने की मंशा है।
अखिलेश ने दावा किया कि सपा के पीडीए ऑडिट में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के करीब 11 हजार पदों के साथ कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया था, लेकिन सरकार ने रिपोर्ट के एक भी पन्ने का जवाब नहीं दिया। सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने कहा कि पार्टी ने पहले सरकारी नौकरियों और आरक्षण को लेकर ऑडिट किया था। उनके मुताबिक, इसमें अलग-अलग विभागों में पीडीए वर्ग के आरक्षित पदों को लेकर सवाल उठाए गए थे। मई में जारी सपा की पहली पीडीए ऑडिट रिपोर्ट में पार्टी ने 22 भर्तियों में 11,514 आरक्षित पदों के प्रभावित होने का आरोप लगाया था।
अखिलेश ने कहा कि इसके बाद पार्टी ने पेपर लीक को लेकर भी ऑडिट किया। उनका दावा था कि उत्तर प्रदेश में 20 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं के पीछे ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश है, जिसमें नियमित सरकारी भर्ती के बजाय आउटसोर्सिंग को बढ़ावा मिले। आउटसोर्सिंग को लेकर अखिलेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नौकरी में सीधे सरकारी बजट से वेतन देना होता है, जबकि आउटसोर्सिंग में कंपनियों के माध्यम से नियुक्ति और भुगतान किया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरी होने पर बजट से कमीशन लेने की गुंजाइश नहीं रहती, जबकि आउटसोर्सिंग में कंपनी के माध्यम से कमीशन का रास्ता बनाया जा सकता है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सपा ने जिन ऑडिट रिपोर्टों में सवाल उठाए, सरकार ने उनके एक भी पन्ने का जवाब नहीं दिया।
सपा अध्यक्ष ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासन के दौरान उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में 151 आंबेडकर प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया। अखिलेश के अनुसार, इनमें केवल 14 मामलों में गिरफ्तारी हुई, जबकि कई मामलों में आरोपी अज्ञात रहे और कई में कार्रवाई नहीं हुई। यह आंकड़े सपा की पीडीए ऑडिट के आधार पर बताए गए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि आंबेडकर की प्रतिमाओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई प्रतिमाओं में बाबा साहब के हाथ में संविधान की किताब होती है और हमले में उसी हिस्से को नुकसान पहुंचाया जाता है। उन्होंने इसे संविधान और सामाजिक न्याय के सवाल से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में अखिलेश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के इस्तेमाल को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए होना चाहिए, न कि नकारात्मक प्रचार के लिए। उन्होंने भाजपा की ओर से जारी एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी वीडियो बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ये वीडियो किसी पैसे के लिए नहीं बल्कि कार्यकर्ता अपने स्तर पर बना रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि वह नकारात्मक वीडियो की राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन जिस प्लेटफॉर्म पर चुनावी लड़ाई लड़ी जा रही है, वहां जवाब देना जरूरी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा से जुड़ा एक वीडियो और उसके बाद सपा के समर्थन में तैयार वीडियो भी स्क्रीन पर दिखाया गया। अखिलेश ने पीडीए अभियान को लेकर भी भाजपा पर तंज कसा।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का रंग लाल है, लेकिन कुछ लोगों को हर चीज एक ही रंग में दिखाई देती है। उन्होंने कहा, ‘‘सावन के अंधे को हरा दिखता है।’’ उन्होंने दावा किया कि पीडीए का रथ आगे बढ़ रहा है और इससे विरोधी परेशान हैं। अखिलेश ने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ उन सीटों पर भी रणनीति तैयार कर रही है, जहां पिछली बार सपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
--आईएएनएस
विकेटी/पीएम
