ओटीटी पर कहानियों को मिलती है खुलकर सांस लेने की जगह : आदर्श गौरव
मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। फिल्मों और वेब कंटेंट की दुनिया तेजी से बदल रही है। जहां पहले बड़े पर्दे पर ही कहानियों को सबसे ज्यादा महत्व मिलता था, वहीं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भी अपनी मजबूत पहचान बना ली है। इसी बदलाव को लेकर अभिनेता आदर्श गौरव ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपनी राय रखी है।
उनकी आने वाली फिल्म 'तू या मैं' सिनेमाघरों के बाद अब जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने वाली है और इसी दौरान उन्होंने ओटीटी की खासियतों और चुनौतियों पर खुलकर बात की।
आईएएनएस से बात करते हुए आदर्श गौरव ने कहा, "डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कहानी कहने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। अब फिल्में और शोज सिर्फ बड़े सेट और भारी बजट तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि किरदारों की गहराई और उनकी भावनाओं को भी उतनी ही अहमियत दी जा रही है। ओटीटी पर कहानियों को खुलकर काम करने का मौका मिलता है, क्योंकि यहां किसी तय फॉर्मूले या बड़े पैमाने के दबाव में काम नहीं करना पड़ता।"
उन्होंने आगे कहा, ''डिजिटल दुनिया की अपनी चुनौतियां भी हैं। आज के समय में ओटीटी पर बहुत ज्यादा कंटेंट मौजूद है, जिससे अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता। हर फिल्म और शो को दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए कुछ नया और अलग करना पड़ता है। इस वजह से कलाकारों और मेकर्स पर एक अलग तरह का दबाव रहता है, जहां उन्हें लगातार यह सोचना पड़ता है कि उनका काम दर्शकों को कितना जोड़ पाएगा।''
उन्होंने कहा, ''अब मुझे ऐसी कहानियों का हिस्सा बनने का मौका मिल रहा है, जो ज्यादा व्यक्तिगत और किरदारों पर आधारित होती हैं। एक अभिनेता के तौर पर मुझे वही कहानियां सबसे ज्यादा पसंद आती हैं, जिनमें दिखावे से ज्यादा सच्चाई हो और जहां किरदारों के अंदर की भावनाओं को समझने का मौका मिले।''
अगर फिल्म 'तू या मैं' की बात करें, तो यह एक सर्वाइवल थ्रिलर है, जिसे बेजॉय नांबियार ने निर्देशित किया है। फिल्म की कहानी दो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक एडवेंचर ट्रिप पर जाते हैं, लेकिन वहां उन्हें जिंदगी और मौत के बीच की खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ता है।
ये फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब 10 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।
--आईएएनएस
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