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'ऑपरेशन टाइगर' साल के 365 दिन और 24 घंटे चलता है: प्रताप सरनाईक

मुंबई, 16 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा जोरों पर है। दावा किया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उद्धव ठाकरे (यूबीटी) गुट के कुछ सांसद शामिल हो सकते हैं। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ साल के 365 दिन और 24 घंटे चलता रहता है।
 
'ऑपरेशन टाइगर' साल के 365 दिन और 24 घंटे चलता है: प्रताप सरनाईक

मुंबई, 16 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा जोरों पर है। दावा किया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उद्धव ठाकरे (यूबीटी) गुट के कुछ सांसद शामिल हो सकते हैं। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ साल के 365 दिन और 24 घंटे चलता रहता है।

मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई में अगर कोई शिवसैनिक काम करना चाहता है तो हमारे दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। 'ऑपरेशन टाइगर' साल के 365 दिन, 24 घंटे चलता है। कोई भी शिव सैनिक, कॉर्पोरेटर, नगर परिषद अध्यक्ष या पार्टी कार्यकर्ता जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा में विश्वास रखता है और एकनाथ शिंदे की लीडरशिप पर भरोसा करता है, उसके लिए हमारे दरवाजे हमेशा खुले हैं।

शिवसेना विधायक प्रकाश सुर्वे ने कहा कि हमारे नेता ने साफ कहा है कि कोई भी हमारे संपर्क में नहीं है। अब, अगर कोई जबरदस्ती हमारे पास लोगों को भेजना चाहता है, तो इसमें हमारी कोई गलती नहीं है।

शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि हर कोई उद्धव ठाकरे से नाराज है। यह बात पहले ही तय और साबित हो चुकी है। उन्होंने हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ दी है और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया है। संजय राउत तो शरद पवार की पार्टी को खुद को खत्म करके कांग्रेस में विलय करने की सलाह भी दे रहे हैं। महाराष्ट्र में जिला परिषदों, पंचायत समितियों, नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव हो चुके हैं। क्या आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने उन चुनावों में प्रचार करने के लिए अपना घर और मुंबई छोड़ा था? अगर कोई कमांडर घर पर बैठकर सिर्फ निर्देश देता है, तो सैनिक उसके साथ नहीं रहेंगे। अगर कार्यकर्ता हमारे पास आ रहे हैं, तो हम उनका स्वागत करते हैं।

शिवसेना विधायक दीपक केसरकर ने कहा कि मैं इस समय इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। हालांकि, अगर ऐसा होता है तो यह एक बहुत सकारात्मक घटनाक्रम होगा। इससे शिवसेना और मजबूत होगी, बालासाहेब की विचारधारा को और बल मिलेगा, महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार ज्यादा स्थिर होगी, और पूरे देश में एनडीए और मजबूत होगा।

दूसरी ओर विपक्ष ने 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सवाल उठाए। सपा के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने कहा कि मेरे देश के नेता इतने कमजोर, बेबस और लालची हो गए हैं कि वे लालच और डर की वजह से अपनी विचारधारा छोड़कर दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं। लोगों की विचारधारा बदली जा रही है। मैं ऐसे नेताओं की खुलकर निंदा करना चाहता हूं।

‘ऑपरेशन टाइगर’ पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने कहा कि अभी तक कुछ नहीं हुआ है, मैं यहीं हूं। अब तक तो यहीं हूं ना। यह सिर्फ चर्चा है। एक साल से यह चर्चा चल रही है, क्यों चल रही है मुझे पता नहीं। आज तो मैं यहां हूं, कल का क्या? कल मैं जिंदा रहूंगा या नहीं, यह भी पता नहीं।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम