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'ऑपरेशन टाइगर' पर सियासी घमासान, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सियासी हलचल बढ़ती जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने दावा किया कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भी दल-बदल की राजनीति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।
 
'ऑपरेशन टाइगर' पर सियासी घमासान, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस ने भाजपा को घेरा

नई दिल्ली, 17 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सियासी हलचल बढ़ती जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने दावा किया कि पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है। वहीं, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भी दल-बदल की राजनीति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है।

सुषमा अंधारे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चर्चाएं तेज हैं और पार्टी नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता इस समय दिल्ली में मौजूद हैं और वहां कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा कर रहे हैं। अंधारे के मुताबिक, पार्टी जिन-जिन कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती है, उन सभी पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है और गुरुवार की सुबह 11 बजे दिल्ली में पार्टी सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के बाद स्थिति और स्पष्ट होकर सामने आएगी। उन्होंने दावा किया कि जिन नेताओं के नाम पार्टी छोड़ने की अटकलों में सामने आ रहे हैं, उनमें से कुछ नेता हाल तक पार्टी नेतृत्व के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि नागेश पाटिल आष्टीकर मंगलवार की शाम तक पार्टी नेताओं के संपर्क में थे और संजय देशमुख भी बातचीत कर रहे थे। हालांकि, अब उनके बारे में अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं। गुरुवार की बैठक के बाद तस्वीर और साफ होगी।

बातचीत के दौरान सुषमा अंधारे ने 'ऑपरेशन टाइगर' के नाम पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि टाइगर खुले तौर पर शिकार करता है, जबकि इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां पर्दे के पीछे की जाती हैं। टाइगर दिनदहाड़े आता है और शिकार करता है, लेकिन यह तरीका तो लोमड़ी जैसा है। इसे ऑपरेशन टाइगर कैसे कहा जा सकता है?

अंधारे ने आरोप लगाया कि परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े प्रस्तावों और राजनीतिक परिस्थितियों के बाद भाजपा राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी रणनीति के तहत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अब शिवसेना (यूबीटी) के सांसद भाजपा के निशाने पर हैं। राज्यसभा में संख्या बल बढ़ाने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है।

वहीं, पटना में भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के उस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए 15 करोड़ रुपए तक की पेशकश की जा रही है। सिग्रीवाल ने कहा कि ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है और ये केवल विपक्ष की हताशा को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह पागलपन और दिमागी दिवालियापन के अलावा कुछ नहीं है। जब उनके ही दल के लोग अपने नेतृत्व और कामकाज से असंतुष्ट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कार्यों से प्रभावित होते हैं, तब इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। विपक्ष समय-समय पर हॉर्स ट्रेडिंग जैसे आरोप लगाता रहता है, लेकिन ये केवल मनगढ़ंत बातें हैं और इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने भी भाजपा पर निशाना साधा। भोपाल में मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन मुकेश नायक ने कहा कि 'आया राम-गया राम' की राजनीति भाजपा शासनकाल में अपने चरम पर पहुंच गई है। देश में कई मामलों की सीबीआई जांच कराई जाती है, लेकिन दल-बदल की घटनाओं की जांच कभी नहीं होती। उनका दावा था कि यदि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच हो तो कई राजनीतिक सच सामने आ सकते हैं।

मुकेश नायक ने कहा कि भारतीय राजनीति में इस समय अस्थिरता का माहौल है और यह अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है कि कौन नेता कब और किस राजनीतिक दल का रुख कर लेगा।

--आईएएनएस

पीएसके/डीकेपी