ऑपरेशन क्लीन एयर: नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कों का सीएक्यूएम ने किया निरीक्षण
नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने और धूल रोकने के उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने और शहरी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने की अपनी लगातार कोशिशों के तहत 'एनसीआर और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग' (सीएक्यूएम) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।
इसी को लेकर सीएक्यूएम ने जानकारी दी कि यह निरीक्षण आयोग द्वारा जारी स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क के अनुसार किए गए सड़क पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन करने के लिए किया गया था।
इस निरीक्षण अभियान के लिए आयोग द्वारा गठित 4 फ्लाइंग स्क्वॉड को ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएनआईडीए) और नोएडा अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों का निरीक्षण करने के लिए तैनात किया गया था। निरीक्षण में लगभग 46.87 किलोमीटर की 17 सड़कें (11 जीएनआईडीए के तहत और 6 नोएडा अथॉरिटी के तहत) शामिल थीं, जिनमें अलग-अलग 'राइट ऑफ वे' (आरओडब्ल्यू) कैटेगरी, जैसे 10 से 15 मीटर और 15 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कें शामिल थीं।
सीएक्यूएम ने जानकारी दी कि निरीक्षण के दौरान 9 सड़कों (5 जीएनआईडीए के तहत और 4 नोएडा अथॉरिटी के तहत) पर पूरी तरह से पेविंग (सड़क की सतह को पक्का करना) पाई गई, जो आयोग द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क के पालन को दर्शाती है। हालांकि, 8 सड़कों (6 जीएनआईडीए के तहत और 2 नोएडा अथॉरिटी के तहत) पर पूरी पेविंग नहीं पाई गई।
इसके अलावा, 8 सड़कों (6 जीएनआईडीए और 2 नोएडा अथॉरिटी के तहत) के किनारे बिना पेविंग वाले या गायब फुटपाथ देखे गए, जबकि 5 सड़कों (3 जीएनआईडीए और 2 नोएडा अथॉरिटी के तहत) पर सेंट्रल वर्ज (सड़क के बीच का हिस्सा) पक्के नहीं थे, जो निर्धारित फ्रेमवर्क के अनुसार और सुधार की आवश्यकता को उजागर करते हैं।
निरीक्षण के दौरान आयोग ने देखा कि शहरी सड़कों के पुनर्निर्माण में काफी प्रगति हुई है, लेकिन स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के लिए बाकी कमियों पर समय पर ध्यान देने की आवश्यकता है। शहरी क्षेत्रों में पार्टिकुलेट वायु प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक सड़क की धूल से होने वाले उत्सर्जन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए पूरी पेविंग, पक्के फुटपाथ की व्यवस्था और सेंट्रल वर्ज का विकास आवश्यक है।
आयोग ने कहा कि सड़कों और उनसे जुड़े रास्तों को ठीक से पक्का करने से गाड़ियों की आवाजाही के कारण धूल के दोबारा उड़ने को कम करने और मशीनों से सड़क की सफाई व धूल कम करने के अन्य उपायों को असरदार बनाने में अहम भूमिका मिलती है। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बाकी बचे हुए री-डेवलपमेंट के कामों में तेजी लाएं और नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें।
आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क की धूल को लंबे समय तक कम करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में सड़कों की देखरेख करने वाली सभी एजेंसियों द्वारा स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क को लागू करना बहुत जरूरी है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के विभिन्न उपायों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की निगरानी करने और जहां भी जरूरत हो, समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत निरीक्षण अभियान इसी प्रकार जारी रहेंगे।
--आईएएनएस
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