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वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट के तहत सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का आउटलेट भी केसरियामय

भागलपुर, 28 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' का रंग ऐतिहासिक भागलपुर के श्रावणी मेले में भी देखने को मिल रहा है। इसके तहत सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर स्थापित विशेष आउटलेट (दुकान) पर शिवभक्त कांवरियों के लिए विशेष रूप से तैयार भगवा वस्त्रों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है।
 

भागलपुर, 28 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' का रंग ऐतिहासिक भागलपुर के श्रावणी मेले में भी देखने को मिल रहा है। इसके तहत सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर स्थापित विशेष आउटलेट (दुकान) पर शिवभक्त कांवरियों के लिए विशेष रूप से तैयार भगवा वस्त्रों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है।

दुकानदार अनिल सिंघानिया ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर अपनी कपड़े की दुकान खोली है। मुझे प्रधानमंत्री मोदी की योजना "वन स्टेशन वन प्रोडक्ट" के तहत स्टाल मिला है। विभिन्न राज्यों और जिलों से यहां कावड़िए आते हैं और जल भरकर बाबा धाम के लिए रवाना होते हैं। जल भरने के क्रम में जो श्रावणी मेला के परिधान को लेकर मैंने बड़े पैमाने पर तैयारी की है।"

अनिल सिंघानिया ने कहा, "मेरी दुकान पर श्रावणी मेले का झोला, पैंट, टीशर्ट और बनियान मिलेगा। वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट के तहत यहां श्रावणी मेले से जुड़े वस्त्र उपलब्ध हैं। यह अजगवी धाम है, यहां से लोग गंगा जल लेकर जाते हैं और बाबा बैजनाथ को अर्पित करते हैं। भक्तिमय माहौल को देखते हुए केसरिया और भगवा वस्त्र का डिमांड बढ़ जाता है। सुल्तानगंज के हर गली और मोड़ केसरियामय हो गया है।"

रेल मंत्रालय के मुताबिक, 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन और बिक्री केंद्र उपलब्ध कराकर भारत के स्वदेशी और विशिष्ट उत्पादों एवं शिल्पकला को बढ़ावा देना है। ये उत्पाद उस स्थान की विशिष्टता को दर्शाते और इनमें स्थानीय जनजातियों द्वारा निर्मित कलाकृतियां, स्थानीय बुनकरों द्वारा बुने गए हथकरघे, विश्व प्रसिद्ध लकड़ी की नक्काशी, चिकनकारी और जरी-जरदोजी जैसे हस्तशिल्प या फिर उस क्षेत्र में स्थानीय रूप से उगाए गए मसाले, चाय, कॉफी और अन्य प्रसंस्कृत, अर्ध-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ उत्पाद शामिल हो सकते हैं।

भारतीय रेलवे का उद्देश्य स्थानीय निर्माताओं से प्राप्त वस्तुओं की बिक्री और प्रचार के लिए चिह्नित रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल, किओस्क, बिक्री केंद्र स्थापित करना है, ताकि स्थानीय कर्मचारियों के कौशल और आजीविका में सुधार हो सके। वर्तमान में एक प्रायोगिक परियोजना चल रही है और इस स्तर पर धनराशि की आवश्यकता का आकलन नहीं किया गया है। प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे पर 25 मार्च 2022 से एक पायलट परियोजना शुरू की गई है। संबंधित क्षेत्र, इलाके में उत्पादित एक स्वदेशी उत्पाद की पहचान की गई है और स्टेशन पर इस उत्पाद की बिक्री के लिए स्थान आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।

--आईएएनएस

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