ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर हमला, कहा- '2027 से पहले सपा बचाने की सोचिए'
लखनऊ, 22 अगस्त (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सहारनपुर सर्किट हाउस में कथित तौर पर सपा नेताओं के बीच हुए विवाद का हवाला देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता हासिल करने की चिंता करने से पहले अपनी पार्टी को बचाने की चिंता करनी चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सपा के लोग ही उसके 'पीडीए' की पोल खोल रहे हैं।
मंत्री राजभर ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "अखिलेश जी, 2027 से पहले सपा कैसे बचाई जाए, ये सोचना शुरू कर दीजिए। क्योंकि आपके लोग खुद आपके पीडीए की पोल खोल रहे हैं।"
राजभर ने लिखा, "आपके पीडीए का 'पी' आपके (सपा) साथ नहीं है, ना पंडित और ना पिछड़ा। आपके झूठ से थोड़ा सा 'डी' आपके साथ आया था, वो भी अब आपके खिलाफ खुलकर खड़ा होने लगा है। सिर्फ अशफाक वाला 'ए' बचेगा। सहारनपुर सर्किट हाउस में आपके वाले पीडीए की असली वाली पोल बहुत धूम-धड़ाके के साथ खुल के सामने आ गई है? यकीन ना हो तो अपने प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल से पूछ लीजिएगा, वो वहीं सर्किट हाउस में बैठकर बस मुंह ताकने का काम कर रहे थे।"
ओम प्रकाश राजभर ने 'एक्स' पोस्ट में कहा, "दलित समाज की जिला पंचायत सदस्य बहन ममता चौधरी ने भरी मीटिंग में आपके नेताओं को बहुत कायदे से सुनाया है। उनके साथ दलित समाज और गैर यादव पिछड़ा समाज के सपा कार्यकर्ताओं ने भी मिलकर आपके 'पीडीए यानी पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) की कायदे से पोल खोली है। दलित और गैर यादव पिछड़ा समाज के आपके लोग ही अब सामने आकर चीख-चीखकर आपके 'पीट देगा अहिर' और 'पीट देगा अशफाक' गैंग का कच्चा चिट्ठा खोल रहे हैं और आप हैं कि सोशल मीडिया पर टाइम पास करने से ही फुर्सत नहीं हैं।"
अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए राजभर ने कहा, "आप ट्विटर एसी पीसी के महारथी हैं, तो अपने लोडरों को शांति से पीसी करने का सलीका भी सिखाइए। सहारनपुर सर्किट हाउस में सब कुर्सी के लिए लड़ रहे थे। आप यही संस्कार दिए हैं? बाकि, पत्रकारों को जलीज करना, गाली-गलौच और मारपीट करना तो आप सपाई गुंडों ने जैसे अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझ रखा है। सत्ता की चाभी तो मिलने से रही, अब टेंशन सपा को बचाने की लीजिए।"
--आईएएनएस
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