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ओली की गिरफ्तारी एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है: पूर्व मंत्री माधव प्रसाद चौलागैन

काठमांडू, 28 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री को बीते साल सितंबर में हुए जेन-जी प्रोटेस्ट के खिलाफ कार्रवाई के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नेपाल के पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री माधव प्रसाद चौलागैन ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान बताया कि ओली की गिरफ्तारी एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है।
 
ओली की गिरफ्तारी एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है: पूर्व मंत्री माधव प्रसाद चौलागैन

काठमांडू, 28 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री को बीते साल सितंबर में हुए जेन-जी प्रोटेस्ट के खिलाफ कार्रवाई के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नेपाल के पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री माधव प्रसाद चौलागैन ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान बताया कि ओली की गिरफ्तारी एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है।

नेपाल के पूर्व मंत्री माधव प्रसाद चौलागैन के साथ बातचीत के मुख्य अंश :

सवाल: इस गिरफ्तारी को जेन-जी विरोध प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा है, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई थी और पाबंदियां लगाई गई थीं।

जवाब: हां, यह सब 8 सितंबर की इन्वेस्टिगेशन के बारे में है, जिसमें युवाओं, स्कूली बच्चों और जेन-जी को टारगेट करके मास फायरिंग की गई थी। यही इस सब के पीछे का कारण था। तो रिपोर्ट का सार यही था। तो एक तरह से यह उससे जुड़ा हुआ है क्योंकि यह गिरफ्तारी उससे जुड़ी हुई है।

सवाल: क्या इस गिरफ्तारी की योजना पहले से थी या यह नई सरकार का पहले से प्लान किया हुआ कदम था?

जवाब: नहीं, हम यह नहीं कह सकते कि यह पहले से प्लान किया हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह नई सरकार कल ही बनी है और उन्होंने जो पहला फैसला लिया, वह यह था कि उन्होंने जांच रिपोर्ट बनाई। यह पब्लिक इंटरेस्ट है, जैसे सभी युवाओं, जेन-जी की तरफ से मांग थी, तो हर कोई रिपोर्ट जारी करने की मांग कर रहा था। फिर रिपोर्ट उपलब्ध हुई, इसे पिछली सरकार ने स्वीकार कर लिया और अब इसे लागू करने का फ्रेमवर्क प्लान किया गया था। मुझे लगता है यह नया फैसला पहली कैबिनेट से आया है। इसलिए यह एक रूटीन प्रक्रिया है।

इस नई सरकार को जनता को यह मैसेज देना था कि वे वादे पूरे करते हैं। जो लोग सितंबर के विद्रोह में शामिल थे, गैर-कानूनी, बिना इजाजत या पावर का ज्यादा इस्तेमाल, उस पर रोक लगनी चाहिए। यह इस बैलेट के जरिए लोगों के पहले मैंडेट से भी जुड़ा है। इसलिए मुझे लगता है कि यह नई सरकार अपने वादों पर लोगों का ध्यान केंद्रित करना चाहती थी।

सवाल: इस गिरफ्तारी के बाद, क्या नेपाल में हालात स्थिर रहेंगे या ओली के समर्थक दिक्कत खड़ी कर सकते हैं?

जवाब: कुछ लोग हैं जो कह रहे हैं कि यह सरकार बदले की कार्रवाई की तरफ बढ़ रही है। लेकिन अगर इसे न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ठीक से संभाला जाता है, तो यह कोई बड़ी मुसीबत, बड़ी समस्या नहीं होगी, क्योंकि सरकार के पास यह सुनिश्चित करने का अधिकार है कि उन्होंने पूरी तरह से कानून का सिस्टम लागू किया है। इसलिए, एक बार गिरफ्तारी हो जाने के बाद, इसे बदले की कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन अगर वे इसे साफ न्याय नहीं देते हैं या कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जाता है, तो यह एक बड़ी समस्या है। हम उम्मीद करते हैं कि अगर यह मौजूदा सरकार इसे सही न्यायिक प्रक्रिया से हैंडल करती है, तो यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं होना चाहिए। अगर आप पहले मैंडेट को देखें, तो लोगों की भावना इस बालेंद्र शाह सरकार के लिए है। यह ज्यादा डिटेल में नहीं बढ़ेगा। यही हम विश्लेषण कर सकते हैं और देख सकते हैं।

सवाल: आप नेपाल में नई सरकार को कैसे देखते हैं?

जवाब: ऐतिहासिक तौर पर यह सच में नेपाल की खासियतों को दिखाती है, जैसे हमारे यहां जो डायवर्सिटी है, जिस तरह की एथनिक डायवर्सिटी या लिंग्विस्टिक डायवर्सिटी है। यह उसे दिखाती है और फिर सभी प्रांत को दिखाया गया है। साथ ही यह एक बहुत ही युवा सरकार भी है।

--आईएएनएस

केके/एएस