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ओडिशा सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार, मंत्री ने की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक

भुवनेश्वर, 28 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा में लगातार बारिश के कारण बनी बाढ़ की स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। मौजूदा स्थिति का आकलन करने और सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री, सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
 

भुवनेश्वर, 28 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा में लगातार बारिश के कारण बनी बाढ़ की स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है। मौजूदा स्थिति का आकलन करने और सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री, सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए, मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों के साथ मिलकर लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए व्यापक उपाय किए हैं। उन्होंने जनता से शांत रहने, घबराहट से बचने और प्रशासन द्वारा दी जा रही सहायता और सेवाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील की। ​​उन्होंने सभी जिला प्रशासनों और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और लगातार सतर्कता बनाए रखने का भी निर्देश दिया।

मंत्री ने बताया कि आनंदपुर और अखुआपाडा में बैतरणी और जलका नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जबकि कुछ जगहों पर जलस्तर बढ़ने के कारण ब्राह्मणी और स्वर्णरेखा नदियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। पिछले 24 घंटों में बालासोर जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि भद्रक और जाजपुर जिलों के कई इलाके भी भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं।

अगले 12 घंटों को महत्वपूर्ण मानते हुए, मंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी के लिए विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) का कार्यालय रात भर काम करता रहे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जोखिम वाले और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेजी से करें।

बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं, जबकि सभी कलेक्टरों और ब्लॉक विकास अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। पुलिस विभाग ने रात में गश्त बढ़ा दी है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।

सरकार ने सभी राहत शिविरों में पका हुआ भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है। पुलिस विभाग को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों के घरों और सामान की सुरक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास विभाग और अन्य सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। पशुधन की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, जिसमें मवेशियों के चारे का पर्याप्त स्टॉक भी शामिल है। बाढ़ के दौरान सर्पदंश की घटनाओं की संभावना को देखते हुए, प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम भी उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्होंने दोहराया कि प्रशासन बाढ़ की बदलती स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों से बिना डरे सतर्क रहने की अपील की। ​​उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे नुकसान का तुरंत आकलन करें और तय नियमों के अनुसार घरों व कृषि भूमि को हुए नुकसान के लिए प्रभावित परिवारों को तुरंत मुआवजा दें।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रख रहा है और जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है। बाढ़ की तैयारी, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, जन सुरक्षा और समग्र आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए, सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की विशेष जिम्मेदारी तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सौंपी गई है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम