ओडिशा में प्राथमिक शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनेंगे 2,200 आदर्श विद्यालय: सीएम माझी
भुवनेश्वर, 7 जून (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार 'गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय योजना' के तहत प्राथमिक शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रही है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में राज्य की प्रत्येक पंचायत में एक-एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके तहत कुल 2,200 स्कूल बनाए जाएंगे, जिन पर लगभग 12,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
खोरधा जिले के कुमारबस्तु में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण के तहत पहले ही 118 विद्यालयों की आधारशिला रखी जा चुकी है। अब दूसरे चरण में राज्यभर में 204 और 'गोदावरीश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालयों' की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
सीएम मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य में जहां भी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था कमजोर है, वहां उसे बेहतर बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इन नए विद्यालयों में बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 26,615 शिक्षकों और उनसे जुड़े स्टाफ की नियुक्ति की है। इससे न केवल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी।
सीएम माझी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के हर बच्चे को विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि यह योजना केवल एक सरकारी परियोजना नहीं है, बल्कि उनके उस सपने का हिस्सा है जिसे उन्होंने एक साधारण आदिवासी परिवार के छात्र के रूप में देखा था। उन्होंने कहा कि यह किसी वातानुकूलित कार्यालय में बैठकर बनाई गई कल्पना नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने का एक मजबूत संकल्प है।
उन्होंने बताया कि विपक्ष के नेता रहते हुए उन्होंने इस योजना को लेकर कई बार राज्य सरकार को पत्र लिखे थे और विधानसभा में भी प्रस्ताव रखे थे, लेकिन उस समय उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। आज भगवान श्री जगन्नाथ के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के बल पर मुख्यमंत्री के रूप में इस योजना को लागू करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को बिना किसी कमी के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और प्राथमिकता है।
--आईएएनएस
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