नई दिल्ली में 7-8 अगस्त को दो दिवसीय निवेश अभियान का नेतृत्व करेंगे ओडिशा सीएम मोहन चरण माझी
भुवनेश्वर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 7-8 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम (इन्वेस्टमेंट आउटरीच प्रोग्राम) का नेतृत्व करेंगे। इस पहल का उद्देश्य राज्य में बड़े निवेश आकर्षित करना और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना है।
उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में उद्योग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वैन और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। प्रतिनिधिमंडल विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख औद्योगिक समूहों, एमएसएमई, डाउनस्ट्रीम उद्योगों और व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक करेगा।
इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता 'ओडिशा फूड प्रो 2026' होगी, जो 7 अगस्त को नई दिल्ली में एसोचैम के सहयोग से आयोजित की जाएगी। इस विशेष रोड शो में ओडिशा की कृषि और समुद्री संपदा, खाद्य प्रसंस्करण तंत्र, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं, सरकारी नीतियां और खेत से बाजार तक की पूरी मूल्य श्रृंखला में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां, निवेशक, एमएसएमई, उद्योग संगठन और क्षेत्रीय विशेषज्ञ भाग लेंगे। इसमें उद्योग प्रतिनिधियों के अनुभव साझा करने के सत्र, ओडिशा की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता पर एक ज्ञान रिपोर्ट का विमोचन, निवेश समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर और संभावित निवेशकों के साथ राज्य नेतृत्व की सीधी बातचीत शामिल होगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड चेन और अन्य मूल्य वर्धित गतिविधियों में निवेश आकर्षित करना है। साथ ही किसानों, मछुआरों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), महिला उद्यमियों और ग्रामीण व्यवसायियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से जोड़ना भी इसका उद्देश्य है।
खाद्य प्रसंस्करण के अलावा, यह अभियान ओडिशा में स्थापित बड़े औद्योगिक निवेशों के आसपास डाउनस्ट्रीम औद्योगिक मूल्य श्रृंखलाओं के विकास पर भी केंद्रित रहेगा। 7 अगस्त को राज्य का प्रतिनिधिमंडल उद्योग जगत के नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें करेगा तथा स्टेनलेस स्टील-आधारित डाउनस्ट्रीम विनिर्माण, रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों पर केंद्रित चर्चाएं करेगा।
इन बैठकों में वर्तमान और प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी। विशेष रूप से ऐसी परियोजनाओं की पहचान पर जोर रहेगा, जिन्हें तेजी से लागू किया जा सके, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाया जा सके और घोषित निवेशों को जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
दूसरे दिन प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा स्थित एक विनिर्माण इकाई का दौरा करेगा। वहां उन्नत निर्माण तकनीकों का अध्ययन किया जाएगा और व्हाइट गुड्स एवं उपभोक्ता उपकरण क्षेत्र में संभावित सहयोग पर चर्चा होगी।
इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा में तीन उद्योग गोलमेज बैठकों में भाग लेगा। ये बैठकें एल्यूमिनियम डाउनस्ट्रीम उद्योग, टेक्सटाइल एवं परिधान तथा इंजीनियरिंग विनिर्माण एवं एमएसएमई क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी।
एल्यूमिनियम क्षेत्र की बैठक में एल्यूमिनियम उत्पादों, पुर्जों और इंजीनियरिंग उपयोगों में अधिक मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। वहीं टेक्सटाइल और परिधान कंपनियों के साथ ओडिशा के बढ़ते वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्र उद्योग पर विचार-विमर्श होगा।
तीसरी गोलमेज बैठक भारतीय उद्योग संघ के सहयोग से आयोजित होगी। इसमें इंजीनियरिंग निर्माता और एमएसएमई भाग लेंगे। चर्चा का केंद्र ओडिशा के धातु, खनन, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र से उत्पन्न अवसर होंगे। इसमें औद्योगिक पुर्जों, फैब्रिकेशन, पूंजीगत उपकरणों, स्वच्छ ऊर्जा उपकरणों और स्थानीय विक्रेता नेटवर्क को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ओडिशा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि राज्य के औद्योगिकीकरण का अगला चरण उसकी मौजूदा ताकतों के आसपास अधिक मूल्य संवर्धन पर केंद्रित होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि नई दिल्ली में आयोजित यह निवेश अभियान सरकार और उद्योग जगत के बीच साझेदारी को मजबूत करेगा, नए निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करेगा और पहले से घोषित परियोजनाओं को गति देगा। साथ ही खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ते निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पूरी मूल्य श्रृंखला में आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
