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नूंह : बागवानी की नई तकनीकें बनी किसानों की आय का मजबूत आधार, हो रही लाखों की कमाई

नूंह, 18 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के नूंह जिले में किसान अब परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए बागवानी की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। नई तकनीक से की जा रही खेती ने न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाई है, बल्कि उनके चेहरों पर भी खुशी की चमक दिखाई देने लगी है।
 
नूंह : बागवानी की नई तकनीकें बनी किसानों की आय का मजबूत आधार, हो रही लाखों की कमाई

नूंह, 18 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के नूंह जिले में किसान अब परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए बागवानी की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। नई तकनीक से की जा रही खेती ने न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाई है, बल्कि उनके चेहरों पर भी खुशी की चमक दिखाई देने लगी है।

बागवानी विभाग नूंह के सहयोग से किसान ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और टनल तकनीक का उपयोग कर कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। इससे खेती अब लाभ का सौदा बनती जा रही है। पिनगवां ब्लॉक के रहपुवा और सटकपुरी गांवों में किसान विशेष रूप से सब्जी और फल वाली बागवानी फसलों की ओर तेजी से रुझान दिखा रहे हैं।

पानी की बचत को ध्यान में रखते हुए ड्रिप प्रणाली के माध्यम से मल्चिंग और टनल में खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, घीया, तोरी और करेला जैसी फसलों की खेती की जा रही है। इससे न केवल सिंचाई में पानी की खपत कम हो रही है, बल्कि फसलों की गुणवत्ता और पैदावार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

रहपुवा गांव के किसान जलालुद्दीन अहमद ने बताया कि उन्होंने ननहैम्स कंपनी की तरबूज की किस्म लगाई है, जिससे प्रति एकड़ 70–75 क्विंटल तक उपज प्राप्त हो रही है। इस फसल पर उनकी कुल लागत करीब 50-60 हजार रुपए आई है, जबकि दिल्ली की मंडी में तरबूज 3,000 से 3,500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है। इससे किसान को एक एकड़ से लगभग दो लाख रुपए तक का शुद्ध मुनाफा हो रहा है।

उन्होंने बताया कि वे खरबूजा, खीरा, करेला, तरबूज, टमाटर आदि की खेती करते हैं। 20 साल पहले इसकी शुरुआत की थी, अब सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिल रही है।

किसान मोहम्मद इरशाद ने बताया कि पहले हम साधारण तौर पर खेती करते थे, लेकिन बाद में हमें नई तकनीक के बारे में जानकारी हुई, जिससे हमें फायदा हो रहा है। कीड़ों और ओलों से बचाव होता है। तीस–चालीस एकड़ में हम खेती कर रहे हैं, जिसमें कई तरह की सब्जियां हैं।

इस सफलता को देखकर आसपास के किसान भी बागवानी विभाग की योजनाओं से जुड़ने लगे हैं।

बागवानी विभाग के जिला अधिकारी डॉ. अब्दुल रज्जाक द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बताया गया कि बागवानी विभाग द्वारा किसानों को ड्रिप सिस्टम, मल्चिंग, टनल खेती सहित विभिन्न मदों में अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही किसानों को बेहतर फसल उत्पादन और सही दामों पर विपणन के तरीकों की भी जानकारी दी जा रही है। इससे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का किसानों की आय बढ़ाने का सपना धरातल पर साकार होता नजर आ रहा है।

जिला अधिकारी डॉ. अब्दुल रज्जाक का कहना है कि नूंह में किसान नई तकनीक से खेती कर रहे हैं। उन्हें सब्सिडी दी जा रही है और ये लोग कई तरह के फल और सब्जियां उगा रहे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम