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एनआरसी की मांग को लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली रवाना, केंद्रीय नेतृत्व से करेगा मुलाकात

इंफाल, 19 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर में जनगणना से पहले 'नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स' (एनआरसी) लागू करने की मांग को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर इंफाल से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर इस संबंध में प्रस्ताव सौंपेगा और राज्य में जल्द से जल्द एनआरसी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह करेगा।
 

इंफाल, 19 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर में जनगणना से पहले 'नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स' (एनआरसी) लागू करने की मांग को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर इंफाल से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर इस संबंध में प्रस्ताव सौंपेगा और राज्य में जल्द से जल्द एनआरसी प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह करेगा।

इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा मणिपुर प्रदेश के महासचिव और पार्टी की एनआरसी व जनगणना समिति के संयोजक के. शरतकुमार, उरिपोक के विधायक ख. रघुमणि, लमलाई के विधायक और भाजपा प्रवक्ता क्ष. इबोमचा, वांगजिंग टेंथा के विधायक पी. ब्रोजेन और विधायक टी. रोबिंद्रो शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय नेतृत्व को मणिपुर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएगा और यह तर्क रखेगा कि 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी को अपडेट किया जाना राज्य की जनसांख्यिकीय संतुलन और सुरक्षा के लिए जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री और पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा करेगा।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को और भी भाजपा विधायकों के नई दिल्ली पहुंचने की संभावना है। उनके आने के बाद सभी विधायक मिलकर एक संयुक्त प्रस्ताव केंद्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे।

भाजपा का यह कदम 'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन' (जेएफडी) द्वारा बुलाए गए 48 घंटे के आम बंद के बाद आया है। जेएफडी की मांग है कि जनगणना से पहले राज्य में एनआरसी को अपडेट किया जाए। बंद के कारण इंफाल घाटी में परिवहन, व्यापार और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। स्कूल, कॉलेज और बाजार बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं और वाहनों की आवाजाही रोकी।

प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए थे। बंद के दौरान कुछ जगहों पर तनाव की खबरें भी आईं, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में स्थिति शांतिपूर्ण रही। कई छात्र और युवा संगठन, महिलाओं के समूह और सिविल सोसाइटी संगठन इस शटडाउन का समर्थन कर रहे हैं। यह शटडाउन सोमवार आधी रात को शुरू हुआ और बुधवार आधी रात तक जारी रहेगा।

भाजपा नेताओं का कहना है कि बंद और जनता की भावना को देखते हुए केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत निर्णय लेना चाहिए।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी