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नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना फेस-2 पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को हिरासत में लिया है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और उसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।
 
नोएडा हिंसा मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार, एक शालीमार बाग तो दूसरा लखनऊ से पकड़ा गया

नोएडा, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना फेस-2 पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा को हिरासत में लिया है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने और उसमें सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी श्रमिक धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ और उग्र गतिविधियों में शामिल थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों का संपर्क इस मामले के कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद से था, जो पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर था। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चल रही कार्रवाई के तहत इस गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

पुलिस टीमों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की और अंततः इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी हिमांशु ठाकुर मूल रूप से उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले का निवासी है, जबकि वर्तमान में वह दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में रह रहा था।

वहीं, सत्यम वर्मा लखनऊ के निशातगंज क्षेत्र का निवासी है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि दोनों ‘विगुल मजदूर दस्ता’ नामक संगठन के सक्रिय सदस्य हैं और आंदोलन के दौरान भी उनकी भूमिका काफी अहम रही। इस मामले में इससे पहले रूपेश रॉय और मनीषा चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और मास्टरमाइंड आदित्य आनन्द को भी पुलिस शनिवार रात गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है, ताकि हिंसा के पीछे की साजिश का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएस