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नोएडा साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख की साइबर धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार

नोएडा, 21 जनवरी (आईएएनएस)। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
 
नोएडा साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख की साइबर धोखाधड़ी में दो गिरफ्तार

नोएडा, 21 जनवरी (आईएएनएस)। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

पुलिस ने पेटीएम पेमेंट बैंक से जुड़े एक गंभीर साइबर फ्रॉड मामले में दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन अपराधियों ने फ्रीज और लीन किए गए बैंक खातों को अवैध रूप से डीफ्रीज कराकर करीब 29 लाख 97 हजार 59 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी पूर्वक रिलीज कराई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिनांक 20/21 जनवरी 2026 को संकलित सूचना के आधार पर थाना साइबर क्राइम नोएडा की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को जयपुर (राजस्थान) से और दूसरे को नोएडा से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पेटीएम पेमेंट बैंक के खातों से जुड़ा संवेदनशील कंप्यूटर डाटा चोरी किया और उसका दुरुपयोग करते हुए उन खातों को डीफ्रीज कराया, जिन्हें विभिन्न शिकायतों के चलते फ्रीज या लीन किया गया था।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में पीड़ित द्वारा दिनांक 30 अगस्त 2024 को थाना साइबर क्राइम नोएडा में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि पेटीएम पेमेंट बैंक कंपनी में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने बिना किसी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी अथवा माननीय न्यायालय की अनुमति या आदेश के, बेईमानीपूर्वक फ्रीज खातों से धनराशि डीफ्रीज कराकर रिलीज कर दी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस मामले में पहले ही दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का अहम हिस्सा थे। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान राजेश कुमार मीणा, निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान, और सचिन, निवासी सीतापुर, उत्तर प्रदेश (हाल निवासी गौर सिटी, नोएडा), के रूप में हुई है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीएससी