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नोहेरा शेख-हीरा ग्रुप मामले में ईडी की कार्रवाई तेज, नौ संपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया पूरी

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोहेरा शेख और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 103.26 करोड़ रुपए मूल्य की नौ नीलाम की गई संपत्तियों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) पूरा कर लिया है।
 

नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोहेरा शेख और हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़े निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 103.26 करोड़ रुपए मूल्य की नौ नीलाम की गई संपत्तियों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) पूरा कर लिया है।

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की गई, ताकि नीलामी से प्राप्त धनराशि वास्तविक पीड़ितों और दावेदारों तक पहुंचाई जा सके।

ईडी के हैदराबाद जोनल कार्यालय के अनुसार, 16 अक्टूबर को हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित दो अचल संपत्तियों 'कार्वी सेंटर' और 'नैना टावर्स' का पंजीकरण पूरा किया गया। इन दोनों संपत्तियों की कुल बिक्री कीमत लगभग 88.23 करोड़ रुपए रही। इससे पहले 5 अक्टूबर को सात अन्य संपत्तियों का पंजीकरण किया गया था। इसके साथ ही कुल नौ संपत्तियों का पंजीकरण पूरा हो गया, जिनकी कुल कीमत 103.26 करोड़ रुपए है।

ईडी ने बताया कि ये नीलामियां नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गईं। नीलामी का उद्देश्य निवेशकों और अन्य प्रभावित लोगों को उनका बकाया धन वापस दिलाना है।

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपी संस्थाओं ने निवेशकों को 36 प्रतिशत से अधिक वार्षिक रिटर्न का लालच देकर 5,978 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाई थी। हालांकि, बाद में वे निवेशकों का पैसा लौटाने में विफल रहीं।

जांच एजेंसी ने अब तक 428.83 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त करने के लिए पांच प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं। इसके अलावा हैदराबाद स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायतें भी दायर की गई हैं।

ईडी के अनुसार, नोहेरा शेख को 21 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द की जा चुकी है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, नीलामी से प्राप्त धनराशि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) को हस्तांतरित की जाएगी, ताकि उसे सत्यापित पीड़ितों और दावेदारों के बीच वितरित किया जा सके।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी