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नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन ठीक नहीं, फैसले लेने में भी असमर्थ हैं: वारिस पठान

मुंबई, 7 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने सीएम के स्वास्थ्य पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और वे फैसले लेने में असमर्थ हैं।
 
नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन ठीक नहीं, फैसले लेने में भी असमर्थ हैं: वारिस पठान

मुंबई, 7 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने सीएम के स्वास्थ्य पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और वे फैसले लेने में असमर्थ हैं।

वारिस पठान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा कि यह हैरानी की बात है कि एक सीएम राज्यसभा का सांसद बनने की इच्छा रखता है। सच्चाई यह है कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। वह अपने फैसले खुद नहीं ले सकते। हम लोगों ने देखा कि जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया तो जदयू के कार्यालय में उनके कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ठीक नहीं हैं। वे कभी किसी महिला का हिजाब खींच लेते हैं, कभी राज्यसभा जाने के लिए पोस्ट कर देते हैं, और समझ में नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी अगला सीएम बने, वे सीमांचल की बदहाली को दूर करे।

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग पर वारिस पठान ने कहा कि मेरा मानना है कि जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। रमजान में इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। सुप्रीम लीडर की हत्या हुई। दुबई-कतर पर मिसाइलें छोड़ी जा रही हैं। भारत सरकार की जंग को लेकर क्या नीति है? खामेनेई की मौत पर सरकार की ओर से कोई बयान तक नहीं आया। भारत के 50 हजार से ज्यादा लोग ईरान में रहते हैं, कैसे उन्हें लाया जाएगा? इजरायल में जो फंसे हैं, उन्हें कैसे लाया जाएगा? जंग के विषय में भारत सरकार को आगे आना चाहिए।

वारिस पठान ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सरकारों द्वारा बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने के फैसले पर कहा, "दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला क्यों लिया? इसे देखना भी जरूरी है। अगर सरकार सुरक्षा को लेकर कोई कदम उठाती है, खासतौर पर अगर वह मुद्दा बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हो, तो यह एक अच्छी बात है।"

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी