नीतीश के राज्यसभा जाने पर सपा प्रवक्ता फखरूल हसन ने उठाए सवाल, बोले-भाजपा दबाव की राजनीति कर रही
लखनऊ, 6 मार्च (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने कांग्रेस पर लगे पैसे लेकर टिकट देने के आरोपों पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। ऐसी स्थिति में समाजवादी पार्टी की तरफ से इस पर किसी भी प्रकार का रिएक्शन देना उचित नहीं रहेगा।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बताचीत में कहा कि ऐसा आमतौर पर देखने को मिलता है कि जब किसी पार्टी में किसी नेता को टिकट नहीं मिलता है, तो उसके अंदर आक्रोश और असंतोष की भावना रहती है। इसी वजह से वो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप लगा देता है। इस तरह की स्थिति कांग्रेस ही नहीं, बल्कि कई राजनीतिक दलों में देखने को मिलती है। अब इस तरह का आरोप कांग्रेस पर भी लगा है। अब इस पर मैं क्या ही रिएक्ट करूं, यह पार्टी का नहीं, बल्कि कांग्रेस का आंतरिक मुद्दा है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के इस्तीफे पर भी चिंता जाहिर की है। इस पर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चिंता जायज है। बिना मुख्यमंत्री के परामर्श के राज्यपाल को उसके पद से हटा देना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर मुख्यमंत्री ने सामने आकर चिंता जाहिर की है, तो मैं समझता हूं कि यह पूरी तरह से उचित है। इसमें किसी भी प्रकार से किंतु परंतु का सवाल पैदा नहीं होता है।
सपा प्रवक्ता ने भाजपा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि आमतौर पर यह देखने को मिलता है कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां के राज्यपाल पर ये लोग अनावश्यक तरीके से दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करके वहां की प्रशासनिक गतिविधियों पर हस्तक्षेप की कोशिश की जाती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के फैसले को 'भाजपा का छलावा' करार दिया। उन्होंने कहा कि अब देखना होगा कि सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के बाद प्रदेश में सीएम की कमान किसे सौंपी जाती है। पहले बिहार में यह साफ हो जाए कि भाजपा की तरफ से सीएम की कमान किसे सौंपी जाती है। इसके बाद ही हम इस पर किसी भी प्रकार का रिएक्शन देना जरूरी समझेंगे।
फखरूल हसन चांद ने कहा कि यहां पर गौर करने वाली बात है कि भाजपा ने हमेशा से ही अपने साथी दलों को छला है। चाहे आप महाराष्ट्र की बात कर लीजिए या किसी अन्य सूबे की। ये तो हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा में जाने का फैसला कर रहे हैं। आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता। इससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। कुल मिलाकर, यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि बिहार में भाजपा दबाव की राजनीति कर रही है, लेकिन इस तरह की राजनीति को सूबे में किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
साथ ही, सपा प्रवक्ता ने भारत को रूस से मिली तेल खरीदने की छूट पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमें यह देखना होगा कि देशहित के फैसले के लिए हमें अमेरिका की अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। अमेरिका की तरफ से जिस तरह का बयान आ रहा है, उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। सरकार को स्वतंत्र होकर देशहित में फैसले लेने चाहिए। हमें रूस से तेल खरीदने की पूरी स्वतंत्रता है। इस दिशा में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अगर इस तरह की स्थिति पैदा हो रही है, तो केंद्र सरकार को अपनी विदेश नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
--आईएएनएस
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