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नीतीश कटारा हत्याकांड: दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव की पैरोल याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में विकास यादव की तीन हफ्ते की पैरोल (फर्लो) याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस रविंद्र डूडेजा की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। विकास यादव नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में 25 साल की जेल की सजा काट रहा है।
 
नीतीश कटारा हत्याकांड: दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव की पैरोल याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में विकास यादव की तीन हफ्ते की पैरोल (फर्लो) याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस रविंद्र डूडेजा की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। विकास यादव नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में 25 साल की जेल की सजा काट रहा है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान नीतीश कटारा के परिवार की तरफ से पेश वकील ने विकास यादव की याचिका का विरोध किया। वकील ने कहा कि अगर विकास यादव को पैरोल (फर्लो ) पर रिहा किया जाता है तो गवाहों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

बता दें कि फरवरी 2002 में नीतीश कटारा की हत्या हुई थी। असल में मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा था। नीतीश कटारा की एक नेता डीपी यादव की बेटी के साथ दोस्ती थी और इसी को लेकर उसका अपहरण कर लिया गया और बाद में हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप नीतीश की दोस्त भारती के भाई विकास और विशाल पर लगा। विकास डीपी यादव का बेटा है। निचली कोर्ट ने इस हत्याकांड को ऑनर किलिंग माना और 30 मई 2008 को विकास एवं विशाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के समय विकास यादव की उम्रकैद की सजा को 25 साल की सजा के रूप में बदल दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2016 में विकास यादव और विशाल यादव की 25-25 साल की कैद की सजा को बरकरार रखा।

विकास यादव 25 में से 23 साल की सजा काट चुका है।

--आईएएनएस

एमएस/