नितिन नवीन की टीम में शामिल होने वाले भोला सिंह का निशाना, बोले-बांटने का काम कांग्रेस ने किया
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों और नितिन नवीन की नई टीम में शामिल हुए सांसद भोला सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए भोला सिंह ने शीर्ष नेतृत्व का अभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है, उसका ईमानदारी और मेहनत से निर्वहन करूंगा।
2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भोला सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी और विकास की योजना धरातल पर पहुंची है और बीते साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की ओर से सुशासन, कानून-व्यवस्था, भय और गुंडागर्दी के माहौल को खत्म किया गया है। हर तरह से डबल इंजन की सरकार की ओर से जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया गया है। इसी के आधार पर तीसरी बार 2027 में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी।
असम सरकार की ओर से माता-पिता की अनदेखी करने पर कर्मचारियों के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती का नियम लागू करने पर भोला सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से यह अच्छी पहल की गई है। सामाजिक स्तर पर लोगों को सोचना चाहिए कि मां-बाप पूरा जीवन एक बच्चे की परवरिश और शिक्षा में लगाते हैं और जब उनकी उम्र हो जाती है तो परिवार से बाहर रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री की ओर से यह बहुत अच्छी पहल की गई है। मां-बाप के अच्छा जीवन व्यतीत करने का मौका मिलेगा।
असम में बिना तलाक के दूसरी शादी करने वाले कर्मचारियों के वेतन से 20 प्रतिशत हिस्सा काटे जाने को लेकर भोला सिंह ने कहा कि जिस तरह से समाज में घटनाएं होती हैं, उस तरह से सामाजिक स्तर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री की अच्छी पहल है। सरकार के बिना आदेश के लोग पालन करें तो बहुत अच्छा होगा।
पी. चिदंबरम को लेकर हिमंता बिस्वा सरमा के बयान पर भोला सिंह ने कहा कि पी. चिदंबरम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता है। कांग्रेस की सरकार के वक्त घोटालों में पी. चिदंबरम की भूमिका महत्वपूर्ण रहती थी। घोटाले के मामले में जेल भी गए हैं। सत्ता में रहते हुए जिनका काम ही लूटने का हो, ऐसे लोग अगर जन कल्याण करने वाली सरकार पर सवाल उठाए तो निश्चित ही उसको मानसिक रूप से ठीक नहीं कह सकते।
'वंदे मातरम' मामले को लेकर भोला सिंह ने कहा कि मानसून सत्र के आखिरी दिन भी जब राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' सदन में बजाया गया था तब भी राहुल गांधी की सम्मान देने वाली मुद्रा नहीं थी। स्वतंत्रता दिवस के दिन कांग्रेस ऑफिस में 'वंदे मातरम' गान को लेकर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे विचलित हो रहे थे। कभी भी इनकी भावना देशभक्ति या राष्ट्र के हित में नहीं रही है। देश, देश की राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का सम्मान होना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बांटने का काम तो कांग्रेस ने किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के साथ आगे बढ़ी है। हमारी सरकार की योजनाएं किसी जाति या धर्म के लिए नहीं, बल्कि हर जाति, हर धर्म और हर वर्ग को हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
--आईएएनएस
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