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नितेश राणे ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा-'ये लोग हिंदुत्व के खिलाफ कर रहे काम' (आईएएनएस इंटरव्यू)

मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच मझगांव इलाके में गणपति की मूर्ति ले जाते समय पथराव और अंडे फेंके जाने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जब हम हिंदू लोग दूसरे के धार्मिक कार्यक्रम में अड़चन नहीं डालते हैं, तो दूसरों को भी नहीं डालना चाहिए।
 

मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई में गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच मझगांव इलाके में गणपति की मूर्ति ले जाते समय पथराव और अंडे फेंके जाने को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जब हम हिंदू लोग दूसरे के धार्मिक कार्यक्रम में अड़चन नहीं डालते हैं, तो दूसरों को भी नहीं डालना चाहिए।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि ऐसी घटनाओं के पीछे वे लोग हैं जो भारत को 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र बनाने की विचारधारा रखते हैं। हिंदू समुदाय कभी दूसरे धर्मों के जुलूस या त्योहारों के दौरान इस तरह पथराव या अंडे नहीं फेंकता। दूसरे समुदायों के धार्मिक कार्यक्रमों में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजने के बावजूद हिंदू प्रतिक्रिया में इस तरह की हरकत नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को देश में क्यों रहने दिया जाए और कहा कि उनके समर्थक भी ऐसी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं।

मदरसों पर मंत्री ने आरोप लगाया कि वहां से डॉक्टर और इंजीनियरों के बजाय कट्टरपंथी और आतंकवादी निकलते हैं। इन जिहादियों और धर्मनिरपेक्षता जिहादियों में मेरे को कुछ फर्क नहीं लगता है क्योंकि वो जिहादियों का ही काम करते हैं। अगर हिंदुओं को आप धर्मनिरपेक्षता के बड़े-बड़े व्याख्यान देते हैं तो कभी जाकर मदरसों में भी व्याख्यान दे दो। कभी मस्जिद में जाकर व्याख्यान दे दो क्योंकि वे लोग सिर्फ जिहाद ही जानते हैं। इसलिए मदरसों से पढ़ने वाले कभी आपको डॉक्टर, इंजीनियर बनते नहीं दिखेंगे।

राणे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हिंदू सुरक्षित हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिंदू त्योहारों में बाधा डालने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसी दौरान उन्होंने धार्मिक नारे को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि महाराष्ट्र में हिंदू आस्था से जुड़े नारों को प्राथमिकता मिलेगी।

नितेश राणे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए इसे 'सरिया की गूंज' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हिंदुओं और मनुस्मृति के मुद्दे पर बोलते समय मुस्लिम महिलाओं को सामने रखकर अपनी बात रखते हैं। राणे ने सवाल किया कि राहुल गांधी मुस्लिम स्कूलों या मदरसों में जाकर इन मुद्दों पर क्यों नहीं बोलते। उन्होंने राहुल गांधी पर पाकिस्तान के नेताओं की भाषा बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी राजनीति कथित तौर पर पाकिस्तान की विचारधारा से प्रभावित है।

राणे ने 'शरिया कानून' और 'गजवा-ए-हिंद' का भी जिक्र किया और राहुल गांधी पर ऐसे तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और राणे ने इनके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।

सीजेपी से जुड़े अभिजीत दिपके के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि उनकी आपत्ति किसी व्यक्ति विशेष से नहीं बल्कि उन लोगों से है जो देशविरोधी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने उमर खालिद का नाम लेते हुए कहा कि राष्ट्र के खिलाफ काम करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।

राणे ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग की भाषा को समान बताते हुए मुख्यमंत्री के 'कांग्रेस बचाओ' वाले बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंत्री और सांसद होना अस्थायी है जबकि हिंदू पहचान स्थायी है। अपने बयान के अंत में उन्होंने राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही और कहा कि देश की एकता तथा अखंडता के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम