निषाद पार्टी एनडीए को मजबूत करने आई, आरक्षण और अधिकार के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई जारी: प्रवीण निषाद
हरिद्वार, 19 अगस्त (आईएएनएस)। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण निषाद ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी निषाद समुदाय को संवैधानिक आरक्षण, अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि आरक्षण से जुड़ी गड़बड़ियों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
प्रवीण निषाद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हम एनडीए को मजबूत करने आए हैं। जैसे-जैसे एनडीए मजबूत हो रहा है, हमारा समुदाय भी अन्य समुदायों के साथ सशक्त हो रहा है।"
उन्होंने कहा कि समाज का हर वह वर्ग जो गरीब, वंचित, शोषित या हाशिए पर है और जिसे सरकारी प्रतिनिधित्व और विकास की मुख्यधारा से दूर रखा गया था, निषाद पार्टी उन्हें एकजुट कर रही है और उनके अधिकारों की वकालत कर रही है।
प्रवीण निषाद ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा, "पहले हमने समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। जब अखिलेश ने हमारी बात नहीं सुनी या हमारे समुदाय की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया तो उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया गया।"
उन्होंने बताया, "पिता बामसेफ में ट्रेनर थे और उन्होंने बीएसपी के साथ मिलकर सरकार बनाने में मदद की थी, लेकिन जब बीएसपी ने भी हमारी मांगों को नजरअंदाज किया तो उन्हें भी वही नतीजा भुगतना पड़ा।"
प्रवीण निषाद ने कहा, "उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है, जहां निषाद समुदाय, जिसमें केवट, मल्लाह और बिंद शामिल हैं, कुल आबादी का लगभग 24.75 प्रतिशत है। वे राज्य भर में लगभग 76 नदियों और झीलों के किनारे रहते हैं। हमारी आबादी और भौगोलिक मौजूदगी के बावजूद हमें अब तक उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला।"
आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा, "आरक्षण हमारे समुदाय के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। हाल में हुए कार्यक्रम में ऑडिटोरियम में 3,000 लोगों के बैठने की क्षमता थी, लेकिन उसी समुदाय के कम से कम 10,000 या उससे ज्यादा लोग वहां जमा हुए। इससे पता चलता है कि समुदाय में कितनी जागरूकता और उम्मीद है। हम अपने समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ते हैं। समुदाय ने हमें अपना प्रतिनिधि बनाया और लोकसभा व विधानसभा में भेजा, इसलिए हम सड़कों से लेकर संसद तक अपने समुदाय की बात रखते हैं।"
--आईएएनएस
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