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निशा भगत मामले में कांग्रेस नेता लाल किशोर ने की निष्पक्ष जांच की मांग, भाजपा पर राजनीति करने का आरोप

रांची, 7 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव और मीडिया संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने निशा भगत आत्महत्या मामले पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि निशा भगत एक आक्रामक और संघर्षशील युवा नेता थीं। उनके इस कदम के पीछे किसका दबाव था, इसकी जांच होनी चाहिए। शाहदेव ने भारतीय जनता पार्टी पर इस दुखद घटना में भी राजनीति करने का आरोप लगाया।
 

रांची, 7 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव और मीडिया संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने निशा भगत आत्महत्या मामले पर दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि निशा भगत एक आक्रामक और संघर्षशील युवा नेता थीं। उनके इस कदम के पीछे किसका दबाव था, इसकी जांच होनी चाहिए। शाहदेव ने भारतीय जनता पार्टी पर इस दुखद घटना में भी राजनीति करने का आरोप लगाया।

निशा भगत आत्महत्या मामले को लेकर लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा, "सबसे पहले तो यह बहुत ही दुखद घटना है। हम लोगों का भी उनसे राजनीतिक संपर्क रहा है। 2024 के विधानसभा चुनाव में, जब तक वह कांग्रेस में थीं, तब तक मिलना-जुलना होता था। मैंने उन्हें एक आक्रामक, संघर्षशील और युवा नेतृत्व के अच्छे उदाहरण के रूप में देखा था। एक महिला होते हुए भी उन्होंने मजबूत नेतृत्व का परिचय दिया था।"

उन्होंने कहा कि इसलिए यह देखकर और जानकर बहुत दुख हुआ। उनका फेसबुक लाइव का जो वीडियो क्लिप मैंने देखा, उसमें वह कई तरह की बातें कह रही थीं। यह जरूर है कि आखिर वह कहां कमजोर पड़ गईं। इतनी संघर्षशील और मजबूत महिला का इस तरह का कदम उठाना समझ से परे है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इसलिए उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और जिन लोगों के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया, उनकी जांच होनी चाहिए। आखिर किस प्रकार का दबाव था और किसके दबाव में उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पता नहीं भाजपा को क्या हो गया है। भाजपा इस मामले में भी जबरदस्ती राजनीति कर रही है। मैं कहूं कि यह दुखद घटना भी उनकी राजनीति से नहीं बच पाई। भाजपा इस मामले में जो राजनीति कर रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि जांच की बात जहां से शुरू होती है, वहीं भाजपा, सीबीआई, ईडी और केंद्रीय एजेंसियों की चर्चा शुरू कर देती है। दूसरी ओर, सरना समाज के नेतृत्व में भी कई अवसरों पर मतभेद सामने आए हैं। चाहे मंच पर हों या मंच के बाहर, कई बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी भी हुई है। जिन लोगों का नाम लिया जा रहा है, उनकी क्या भूमिका है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। जब जांच होगी, तब सारी बातें सामने आ जाएंगी।

उन्होंने कहा कि मैं कल अजय तिर्की का भी बयान सुन रहा था। वह भी कह रहे थे कि जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। जो बातें निशा भगत कह रही थीं, उनकी जांच होनी चाहिए और इसके लिए उन्होंने स्वयं भी आगे आकर जांच में सहयोग करने का प्रस्ताव दिया है।

--आईएएनएस

केके/वीसी