एनएचआरसी ने आईटी मंत्रालय और टेलीकॉम कम्युनिकेशन को जारी किया नोटिस
नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। एनएचआरसी सदस्य प्रियांक कानूनगो ने कहा कि हमारे पास एशिया नाम के एक थिंक टैंक और एक रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट लोगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और साइबर स्पेस में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का कानून है। उसके लागू होने के बावजूद भारत में कई प्लेटफॉर्म्स कानून का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों की प्रोफाइलिंग और उनके डाटा के ट्रैकिंग को रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। थर्ड-पार्टी डेटा ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए काम नहीं किए गए हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे बहुत ही खतरे में हैं। जब बच्चे इन प्लेटफॉर्म्स को यूज कर रहे हैं तो खतरा है। बच्चों की नाबालिग अवस्था को लेकर भी ये प्लेटफॉर्म्स कानून के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं।
प्रियांक कानूनगो ने कहा कि इन सब स्थिति को देखते हुए हमने आईटी मंत्रालय और टेलीकॉम कम्युनिकेशन को नोटिस जारी किया है। पीएम मोदी ने दुनिया का सबसे बढ़िया कानून डीपीडीपी एक्ट देश के लोगों के संरक्षण के लिए दिया है। ऐसे में इस कानून का पालन करना और करवाना हम सबका दायित्व है। हम तय करेंगे कि ये प्लेटफॉर्म अगर भारत में व्यापार करना चाहते हैं तो उनको देश के कानूनों का पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि आजकल समस्या यह है कि जब आप अपना मोबाइल फोन अपने सामने रखते हैं और सर्च इंजन पर कुछ खोजते हैं, मान लीजिए, कोई रेस्टोरेंट तो आपकी टाइमलाइन पर उस तरह के विज्ञापन दिखने लगते हैं। यह डेटा चोरी है। अगर आपका डेटा चोरी हो जाता है और आपके बिजली बिल की जानकारी साइबर जालसाजों तक पहुंच जाती है तो आप साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पर्सनल डेटा लीक होने की वजह से डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध हो रहे हैं। इसको रोकने के लिए ही पीएम मोदी ने कानून बनाया है। हम इस कानून का पालन कराएंगे। या तो कंपनियों को सुधरना होगा, नहीं तो भारत छोड़ना होगा।
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