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नई दिल्ली में अफगानिस्तान के कृषि मंत्री ने चिराग पासवान और पबित्रा मार्गेरिटा से की मुलाकात

नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी से केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात की।
 

नई दिल्ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मावलावी अताउल्लाह ओमारी से केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात की।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने सोशल प्लेटफॉर्म पर कुछ तस्वीरों के साथ एक बयान जारी किया। बताया कि मंत्री चिराग पासवान ने ओमारी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढांचे के विकास, प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के जरिए सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, लोगों की आजीविका में सुधार लाने और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता भी दोहराई।

वहीं, मुलाकात के बाद एमओएस मार्गेरिटा ने एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा कर बताया कि बैठक के दौरान भारत-अफगानिस्तान द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। साथ ही अफगान जनता के कल्याण और विकास के लिए दोनों देशों के बीच जारी सहयोग की भी समीक्षा की गई।

मावलावी अताउल्लाह ओमारी मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। ओमारी के भारत दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच आपसी संबंध बढ़ाना और उनके हितों से जुड़े मामलों पर बातचीत करना है।

अफगान मंत्री का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने एक्स पर कहा, "आपसी हितों के मुद्दों पर बातचीत करने के लिए हम उत्सुक हैं।"

यह दौरा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है, जिसमें हाल ही में अफगान प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमलों के दौरान कई अफगान नागरिक मारे गए और घायल हुए थे।

भारत ने अफगान इलाके पर एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की थी और कहा था कि यह "पाकिस्तान के लापरवाह रवैए और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा के जरिए अपनी नाकामियों को छिपाने की बेकार कोशिश को दिखाता है।"

पिछले हफ्ते, भारत ने सहायता और विकास प्रोजेक्ट्स के जरिए काबुल को समर्थन करने का वादा किया और अफगानिस्तान के साथ चल रहे मानवीय सहयोग पर जोर दिया। भारत लंबे समय से मेडिकल उपकरण, दवाएं और जरूरी सामान काबुल को भेजता रहा है। 17 जून को ही पांच टन जरूरी दवाइयां पहुंचाईं गईं, जो अफगानियों की भलाई और बेहतरी के लिए उसकी लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

भारत ने अफगान बच्चों में इम्यूनाइजेशन की कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए 22 मई को, काबुल को 20 टन बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) और टेटनस, डिप्थीरिया (टीडी) के टीके भेजे थे।

--आईएएनएस

केआर/