हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में फंसे 4 भारतीय नागरिक सुरक्षित निकाले गए: विदेश मंत्रालय
काठमांडू, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के रसुवा जिले में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से शनिवार को चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार शाम नेपाल में भारतीय नागरिकों और राहत-बचाव प्रयासों को लेकर अपडेट किया। एमईए ने बताया कि बचाए गए चारों भारतीयों के जल्द काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्रालय ने शाम 5 बजे तक का अपडेट दिया। जानकारी के अनुसार, बचाए गए भारतीय नागरिकों की पहचान रिपु कुमार, चनेश्वर नरजरी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिनहाजुद्दीन के रूप में हुई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब रसुवा स्थित त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाल में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो दिनों से नेपाली सुरक्षा बल सुरंग के प्रवेश द्वार से मलबा हटाकर भीतर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अभियान में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के कुल 82 कर्मी लगातार जुटे हुए हैं।
भारत ने भी इस अभियान में तकनीकी सहायता बढ़ा दी है। एमईए के मुताबिक, "टनल रेस्क्यू के लिए विशेष तकनीकी टीम गुरुवार को काठमांडू पहुंची थी और शुक्रवार से प्रभावित क्षेत्र में काम शुरू कर चुकी है। इस टीम की सिफारिश के आधार पर भारत से उपकरणों से लैस एक विशेष टनल रेस्क्यू टीम के शनिवार को नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।"
इसके साथ ही, नेपाल में बाढ़ और आपदा के बाद बरामद शवों की पहचान में मदद के लिए भारत से छह फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी काठमांडू पहुंचने वाली है। यह टीम डीएनए नमूनों के विश्लेषण के जरिए बरामद शवों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की सहायता करेगी।
एमईए ने बताया कि शनिवार को "120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल में दाखिल हुए। मंत्रालय के अनुसार, 29 अगस्त शाम 5 बजे तक नेपाल में कुल 88 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है, जबकि 287 भारतीय नागरिक लापता हैं। इसके अलावा, भारतीय मूल के 128 लोग भी लापता बताए गए हैं।"
नेपाल में लगातार खराब मौसम, बाढ़ और भूस्खलन के कारण राहत एवं बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारत और नेपाल की एजेंसियां बाढ़ ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं।
--आईएएनएस
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