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नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही पर भारत में नेताओं ने जताया दुख, कहा- अन्य देश भी मदद के लिए सामने आए

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसे लेकर भारत के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सभी ने भारत सरकार द्वारा भेजी जा रही मदद का स्वागत किया और भविष्य में भी हर संभव सहयोग जारी रखने की बात कही।
 

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसे लेकर भारत के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है और प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सभी ने भारत सरकार द्वारा भेजी जा रही मदद का स्वागत किया और भविष्य में भी हर संभव सहयोग जारी रखने की बात कही।

महाराजगंज में आईएएनएस से बात करते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नेपाल त्रासदी पर कहा, "नेपाल में हुई घटना हम सभी के लिए दिल दहला देने वाली है। हम सभी इससे प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं। एक अच्छे पड़ोसी के तौर पर भारत सरकार ने मदद भेजी है। सरकार भविष्य में भी मदद करती रहेगी।"

पटना में बिहार सरकार के मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है। लेकिन ज़रूरी बात यह है कि हमें इस पर काम करना होगा कि हम खुद को बेहतर तरीके से कैसे तैयार करें और प्राकृतिक आपदाओं के असर को कैसे रोकें। नेपाल एक बहुत कमजोर देश है। जहां तक मुझे याद है, पिछले तीन-चार सालों में नेपाल को बार-बार किसी न किसी आपदा का सामना करना पड़ा है।"

उन्होंने कहा, "भारत मदद के लिए अपना काम कर ही रहा है, लेकिन दूसरे देशों को भी आगे आना चाहिए और मिलकर काम करना चाहिए कि हम नेपाल की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं। नेपाल एक छोटा देश है और उसका रेवेन्यू बेस (आय का स्रोत) बड़ा नहीं है। लेकिन जब इंसानी जान बचाने की बात आती है, तो हमें अगले 20 से 25 सालों के बारे में सोचना होगा और नेपाल में आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"

रांची में बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बताया कि इस त्रासदी में झारखंड के दो लोग अभी भी लापता हैं और यह संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुखद खबर है। ऐसी खबरें हैं कि झारखंड के दो लोग अभी भी नेपाल में लापता हैं, और यह संख्या बढ़ सकती है। ये बहुत गरीब लोग थे। ज़रा सोचिए, अगर कोई रोज़ाना मज़दूरी करने के लिए 1,500 किलोमीटर दूर जाता है, तो यह उनकी गरीबी का स्तर दिखाता है। झारखंड के ये दो लापता मज़दूर रोजगार की तलाश में मौत के मुंह में चले गए।"

वहीं, रांची में ही कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा, "नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा बहुत भयानक है। हमारी संवेदनाएं नेपाल के सभी लोगों के साथ हैं। हम भारत सरकार से भी अपील करते हैं कि वह इस भयानक त्रासदी में लापता हुए भारतीय लोगों का पता लगाने के लिए तेज़ी से कार्रवाई करे और नेपाल के लोगों को मदद पहुंचाए। भारत सरकार को इस मुद्दे पर पूरी गंभीरता से काम करना चाहिए।"

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "नेपाल इस समय दुनिया की सबसे भयानक मानवीय त्रासदियों में से एक का सामना कर रहा है। उसे बिना किसी 'अगर-मगर' या शर्त के मानवीय मदद की ज़रूरत है। अब तक 600 से ज्यादा शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों का तुरंत पता लगाया जाना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि मदद सिर्फ नेपाल की सेना, पुलिस या प्रशासन को ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि दुनिया भर के लोगों और संगठनों को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। चाहे खाना-पानी हो, खोज और बचाव का काम हो, भारी उपकरण हों, टेंट हों या दूसरी जरूरी चीजें हों, नेपाल को हर तरह की मदद की जरूरत है। भारत सरकार पहले से ही मदद दे रही है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/डीएससी