Aapka Rajasthan

नेपाल बाढ़ त्रासदी पर भारत के नेताओं ने जताया दुख, बोले- सरकार भी मदद के लिए खड़ी

नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही को लेकर देशभर के नेताओं ने दुख जताया है। इस आपदा में कई भारतीय नागरिकों के फंसे होने की खबर है, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं।
 

नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई तबाही को लेकर देशभर के नेताओं ने दुख जताया है। इस आपदा में कई भारतीय नागरिकों के फंसे होने की खबर है, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट पर हैं।

कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी ने कहा, "यह बहुत दुखद खबर है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उनमें से कई भारतीय नागरिक हैं और सभी लोग कैलाश की यात्रा पर जा रहे थे। यह बहुत दुखद और परेशान करने वाली खबर है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि जो लोग अभी भी लापता हैं, वे जीवित और सुरक्षित मिल जाएं।"

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा, "इस त्रास्दी से भारी नुकसान हुआ है और कई लोगों की जान चली गई है। पीड़ित परिवारों को राहत और सहायता प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।"

उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, "भूकंप के कारण ग्लेशियरों को अचानक नुकसान पहुंचा है। इसका असर नेपाल के साथ-साथ हमारी सीमाओं से सटे इलाकों, खासकर महाराजगंज से जुड़े क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने तुरंत मदद का भरोसा दिलाया है और मेरा मानना ​​है कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री ने भी सभी को सतर्क कर दिया है। यह एक प्राकृतिक आपदा है, जो किसी के नियंत्रण में नहीं थी, लेकिन अब बचाव और राहत कार्य ही एकमात्र विकल्प है।"

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, "नेपाल से आ रही खबरें, वीडियो और जानकारी बहुत भयावह हैं। यह सभी को स्तब्ध कर देने वाला है। जिस तरह से भूस्खलन हुआ और प्राकृतिक आपदा आई, उसमें पूरे के पूरे गांव बह गए। जो बाजार कभी चहल-पहल से भरे रहते थे, वे अब पूरी तरह से कब्रिस्तान में बदल गए हैं। इलाके का पूरा बुनियादी ढांचा तबाह हो गया है और कई बांधों को भी नुकसान पहुंचा है।"

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही पर डीएमके प्रवक्ता टी. के. एस. एलंगोवन ने कहा, "यह आपदा, स्वाभाविक रूप से, एक प्राकृतिक आपदा है। इसे कोई रोक नहीं सकता, लेकिन हमें उन लोगों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए, जो इस आपदा की चपेट में आ गए हैं।"

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी