नेपाल बाढ़ त्रासदी पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने जताया दुख, लापता भारतीयों को लेकर केंद्र से त्वरित कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ (फ्लैश फ्लड) पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से लापता भारतीयों का जल्द पता लगाने और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ से वह गहरे दुखी हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं और भारत इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नेपाल में 100 से अधिक भारतीयों के लापता होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि लापता भारतीयों का जल्द पता लगाने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इस कठिन समय में नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। खड़गे ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नेपाल की जनता के साथ एकजुटता से खड़ी है और इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक जताया और नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत कर संवेदना व्यक्त की। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ खड़े हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए आपस में लगातार समन्वय कर रही हैं।"
नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, रसुवा क्षेत्र में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद 384 पर्यटक लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय भी शामिल हैं। हालांकि, नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और संबंधित एजेंसियों के माध्यम से इनका सत्यापन किया जा रहा है।
भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ ने रसुवा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार स्थिति का आकलन करने और लापता लोगों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
