नेपाल बाढ़: 403 पर्यटक से नहीं हो पाया संपर्क, लापता में सबसे अधिक भारतीय; महाराष्ट्र सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, आपदा के बाद कुल 403 नेपाली और विदेशी पर्यटक संपर्कविहीन बताए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 133 भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिससे भारत में भी चिंता बढ़ गई है।
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, संपर्कविहीन पर्यटकों में 62 नेपाली, 47 अमेरिकी, 34 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश और 24 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा मलेशिया, यूक्रेन, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जापान, जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, नीदरलैंड्स, रूस, स्पेन, बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इजराइल, लिथुआनिया, पुर्तगाल और फिलीपींस के नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। आशंका जताई जा रही है कि लापता भारतीयों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई यात्रियों और पर्यटकों का अभी तक पूरा विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया है।
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई इस भीषण बाढ़ ने पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। बचाव एवं राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रही हैं और संपर्कविहीन लोगों की तलाश जारी है।
नेपाल में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने वहां फंसे राज्य के नागरिकों और पर्यटकों की मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन और सूचना प्रणाली शुरू की है। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नेपाल में फंसे नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक ऑनलाइन लिंक जारी किया है।
मंत्रालय स्थित राज्य नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। प्रभावित नागरिकों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि यदि उनका कोई रिश्तेदार या परिचित नेपाल में फंसा है तो उसकी जानकारी तत्काल प्रशासन तक पहुंचाएं।
राज्य नियंत्रण कक्ष की तरफ से टोल-फ्री हेल्पलाइन 1070 और नियंत्रण कक्ष +91-9321587143 नंबर भी जारी किया गया है।
राज्य सरकार ने परिजनों से अनुरोध किया है कि नेपाल में फंसे व्यक्तियों की जानकारी देते समय उनका नाम, मोबाइल नंबर, नेपाल में वर्तमान स्थान या होटल का विवरण, यात्रा संबंधी जानकारी, तथा परिवार के संपर्क नंबर उपलब्ध कराएं, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में मदद मिल सके।
नेपाल में जारी राहत एवं बचाव अभियान के बीच भारतीय और नेपाली एजेंसियां लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित नागरिकों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
