Aapka Rajasthan

नेहा धूपिया ने सेहतमंद रहने का साझा किया मंत्र, 'रोज की छोटी-छोटी आदतों पर दें ध्यान'

मुंबई, 21 जनवरी (आईएएनएस)। आज के दौर में फिटनेस और वेलनेस के नाम पर हर दिन कोई नया ट्रेंड, डाइट, या चैलेंज सामने आता है। ऐसे में लोग अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं कि आखिर सही क्या है और गलत क्या।
 
नेहा धूपिया ने सेहतमंद रहने का साझा किया मंत्र, 'रोज की छोटी-छोटी आदतों पर दें ध्यान'

मुंबई, 21 जनवरी (आईएएनएस)। आज के दौर में फिटनेस और वेलनेस के नाम पर हर दिन कोई नया ट्रेंड, डाइट, या चैलेंज सामने आता है। ऐसे में लोग अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं कि आखिर सही क्या है और गलत क्या।

सोशल मीडिया पर दिखने वाली परफेक्ट बॉडी और इंस्टेंट रिजल्ट देने वाले दावे लोगों पर अनजाने में दबाव बना देते हैं। इसी बीच बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया ने आईएएनएस से बात करते हुए वेलनेस को लेकर एक अलग सोच सामने रखी है। उनका मानना है कि अच्छी सेहत किसी जादू या शॉर्टकट से नहीं, बल्कि रोज की छोटी-छोटी आदतों से बनती है।

आईएएनएस से बात करते हुए नेहा धूपिया ने कहा, ''अच्छी सेहत से जुड़ी चुनौतियां टिकाऊ तरीकों पर आधारित होती हैं। मैं उन उपायों को अपनाने में भरोसा रखती हूं जो मैंने खुद अपनी जिंदगी में आजमाए हैं। सेहत को लेकर जल्दबाजी या परफेक्शन की दौड़ नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए रोज की छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान देना जरूरी है।''

नेहा ने कहा, ''मेरे एंटी-इन्फ्लेमेशन चैलेंज जैसे प्रयासों का मकसद लोगों को छोटे, लेकिन असरदार कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है। इन चैलेंजों का उद्देश्य किसी को परफेक्ट बनाना नहीं, बल्कि मानसिक रूप से तैयार करना है, ताकि व्यक्ति अपनी सेहत को लेकर जिम्मेदारी भरे फैसले ले सके। जब हम किसी अच्छी आदत को लगातार अपनाते हैं, तो वही आदत धीरे-धीरे हमारी लाइफस्टाइल बन जाती है।''

बता दें कि नेहा ने एंटी-इन्फ्लेमेशन चैलेंज शुरू किया है। इसके तहत, वह रोजाना हल्दी-अदरक-कलौंजी वाला ड्रिंक लेती है, जिससे शरीर की अंदरूनी सूजन कम होती है। इसके अलावा, वह कुछ हेल्दी डाइट भी लेती है।

दादी-नानी के देसी नुस्खों को लेकर नेहा धूपिया ने कहा, ''भारत में सदियों से चले आ रहे प्राकृतिक नुस्खे आज भी उतने ही असरदार हैं। ये नुस्खे तुरंत चमत्कार नहीं दिखाते, लेकिन लंबे समय में शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाते हैं। अच्छी सेहत का मतलब खुद पर जरूरत से ज्यादा सख्ती करना नहीं है, बल्कि अपने शरीर को समझना और उसका ख्याल रखना है।''

उन्होंने कहा, ''सेहत से जुड़ी बातें डराने वाली नहीं होनी चाहिए। अगर कोई आदत तनाव या डर पैदा कर रही है, तो वह लंबे समय तक टिक नहीं सकती। इसलिए हमेशा आसान तरीकों को अपनाना चाहिए।''

नेहा ने कहा, "चबा-चबा कर भोजन खाना, शरीर को सक्रिय रखना और गट हेल्थ का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। ये साधारण चीजें इंसान की एनर्जी, मूड और सेहत में फर्क ला सकती हैं। कई बार लोग बड़े बदलाव की तलाश में रहते हैं, जबकि छोटे बदलाव ही सबसे ज्यादा असर दिखाते हैं।"

--आईएएनएस

पीके/एएस