नीट री-टेस्ट की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर अन्नामलाई ने उठाए सवाल, बोले- छात्रों पर बढ़ेगा परीक्षा का दबाव
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 21 जून को दोबारा होने वाली नीट परीक्षा को लेकर सरकार का घेराव किया। उन्होंने सरकार की ओर से किए गए इंतजाम को गिनाते हुए आरोप लगाया है कि इससे छात्रों पर दबाव बढ़ेगा।
अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारतीय वायुसेना एयरलिफ्ट के साथ दो स्तरीय सीआरपीएफ प्लस सीआईएसएफ सुरक्षा घेरा। एआई सर्विलांस के साथ 4-लेयर सीसीटीवी सिस्टम। अंदर जाने से पहले बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन। कई स्तरों पर तलाशी। प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी के साथ कई स्तरों पर देख-रेख। हां, आपने सही पढ़ा, लेकिन ये इंतजाम किसी हाई-लेवल, गोपनीय, मिलिट्री-ग्रेड सॉफ्टवेयर को खरीदने के लिए नहीं हैं। ये इंतजाम शिक्षा मंत्रालय ने 21 जून को होने वाले नीट री-टेस्ट के लिए किए हैं।"
अन्नामलाई ने आगे कहा, "हर छात्र पेपर लीक रोकने के लिए सरकार की अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और बेहतर निगरानी की कोशिशों की तारीफ करेगा, लेकिन अंदर जाने से पहले कड़ी जांच-पड़ताल, लंबी तलाशी और परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करने से छात्रों पर पहले से ही बढ़ रहे परीक्षा के दबाव में और बढ़ोतरी ही होगी।"
पूर्व भाजपा नेता ने कहा, "सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए उपाय किए हैं, लेकिन वे उस अतिरिक्त बोझ को भूल गए हैं जो उन्होंने युवा छात्रों पर परीक्षा से ठीक पहले डाला है। एक ऐसी परीक्षा जिसके लिए उन्होंने महीनों तैयारी की है। इससे हमारी परीक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का 'परीक्षा का तनाव' कम करने का लक्ष्य ही खत्म हो जाता है।"
अन्नामलाई ने कहा, "परीक्षा के लिए इन सभी इंतजामों के बावजूद एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में दिक्कतें आ रही हैं और एनटीए ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि वे जल्द से जल्द इन दिक्कतों को दूर कर लेंगे। हां, ऐसी चुनौतियां हैं, जिनके लिए सार्थक समाधान की जरूरत है। मुझे चिंता है कि नीट री-टेस्ट के लिए जो तरीका अपनाया गया है, उससे शायद समस्या हल न हो, बल्कि इससे नई तरह की समस्याएं पैदा होने का खतरा है।"
--आईएएनएस
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