Aapka Rajasthan

नीट पेपर लीक मामला: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। सोमवार को इन आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।
 

नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी 2026 की परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। सोमवार को इन आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

आरोपी यश यादव, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, धनंजय लोखंडे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, मनीषा हवलदार और डॉक्टर मनोज शिरूरे की न्यायिक हिरासत सोमवार को खत्म हुई थी। इसके बाद सभी 10 आरोपियों को अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों की न्यायिक हिरासत में 11 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला दिया।

इससे पहले, आरोपी पीवी कुलकर्णी और शिवराज मोटेगांवकर की न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ाई गई। 24 जून को आरोपियों की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी।

सीबीआई के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड है। वह लातूर का रिटायर्ड केमिस्ट्री का प्रोफेसर है। कुलकर्णी कई वर्षों तक नीट के प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले पैनल का हिस्सा रहा था। उसने एनटीए की प्रक्रिया का दुरुपयोग करके पुणे में विशेष कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को पेपर लीक किया।

शिवराज मोटेगांवकर लातूर में आरसीसी कोचिंग के संचालक थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही उनके पास प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंच गए थे। आरोप है कि उन्होंने एनटीए के पैनल में शामिल कुछ लोगों, पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंदारे के माध्यम से यह पेपर हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने कोचिंग संस्थानों और छात्रों को कथित तौर पर नीट यूजी पेपर देकर इस घटना को अंजाम दिया।

बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित नीट यूजी 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई को देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। हालांकि, पेपर लीक के विवादों के कारण एनटीए ने इसे रद्द करके दोबारा 21 जून को कड़ी सुरक्षा और व्यापक निगरानी के बीच आयोजित किया था।

--आईएएनएस

डीसीएच/