नीट पेपर लीक के बाद हुई सभी घटनाओं का ब्यौरा सदन में देगी सरकार : किरेन रिजिजू
नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे ऐसी शर्तें न लगाएं जिससे चर्चा ही शुरू न हो सके। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य बहस और संवाद है, इसलिए सभी दलों को नियमों के तहत सार्थक चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
किरेन रिजिजू ने कहा, "विपक्ष जो भी कहना चाहता है, वह चर्चा के दौरान पूरी तरह अपनी बात रख सकता है। यदि चर्चा लंबी चलेगी तो हर सांसद को अपनी बात रखने और अपने मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। हम किसी को रोक नहीं सकते। लेकिन अगर ऐसी शर्तें रखी जाएं कि चर्चा ही न हो पाए, तो इसका मतलब है कि आप चर्चा नहीं चाहते।"
उन्होंने कहा कि संसद चर्चा का मंच है और सरकार कभी भी किसी मुद्दे से भागती नहीं है। लोकतंत्र में जनता के लिए जो काम सरकार करती है, उसकी जानकारी देना हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए हम चर्चा से पीछे नहीं हट सकते। मैं विपक्षी दलों से आग्रह करता हूं कि ऐसा तरीका न अपनाएं जिससे बहस रुक जाए। चर्चा होनी चाहिए ताकि देश को पता चल सके कि सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और भविष्य में युवाओं के हित में क्या किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव या किसी अन्य विपक्षी नेता पर किसी भी मुद्दे को उठाने की कोई रोक नहीं है। सभी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है।
रिजिजू ने बताया कि सरकार ने संसद सत्र के पहले दिन से ही विपक्ष के नेताओं, लोकसभा अध्यक्ष, और राज्यसभा के सभापति को यह जानकारी दे दी थी कि वह चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किस नियम के तहत चर्चा होगी, उसकी तारीख, अवधि, और प्रक्रिया तय करना जरूरी है।
उन्होंने कहा, "इतने महत्वपूर्ण विषय पर केवल औपचारिकता निभाने के लिए चर्चा नहीं हो सकती। संसद की अपनी व्यवस्था और नियम हैं। हम चाहते हैं कि इस गंभीर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हो।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक देश के युवाओं और पूरे देश से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है। इसलिए यह जरूरी है कि सरकार ने इस मामले में अब तक जो कदम उठाए हैं, उनकी पूरी जानकारी देश के लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा, "बेहतर होगा कि सभी दल सकारात्मक सोच के साथ चर्चा शुरू करें। किस नियम के तहत बहस होगी, कितनी देर चलेगी और कब होगी, यह फैसला सदन की अध्यक्षता कर रहे पीठासीन अधिकारी के साथ मिलकर किया जा सकता है।"
--आईएएनएस
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