एनडीए के सांसदों ने विपक्ष पर प्रह्लाद जोशी की छवि खराब करने की राजनीतिक साजिश करने का लगाया आरोप
नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसदों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस पर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर सुधारों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही का स्पष्ट नियम है कि सदस्यों को राजनीतिक भाषण कम और विधेयकों पर अधिक चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई सदस्य असत्य या भ्रामक बातें रखता है तो अध्यक्ष निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करते हैं। आज सोशल मीडिया के दौर में हर बयान और हर गतिविधि रिकॉर्ड पर रहती है, इसलिए समय आने पर सच्चाई सामने आ जाएगी और "दूध का दूध और पानी का पानी" हो जाएगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर सुष्मिता देव ने कहा कि यह किसी एक सरकार या दल तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि देश में इसका इतिहास काफी पुराना रहा है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उनके अनुसार वर्तमान चर्चा का उद्देश्य केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए कानून लाया गया है। देश के छात्र चाहते हैं कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आत्मचिंतन करें तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस बदलाव करें।
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष और सांसद मदन राठौर ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि एक अनुभवी और लंबे समय तक विभिन्न मंत्रालयों में सफलतापूर्वक कार्य कर चुके नेता के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
राठौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी अधिक संतुलित बयान देंगी, लेकिन उनका यह रुख निराशाजनक है।
भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद की मर्यादा को तार-तार करने का काम हमेशा कांग्रेस ने किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान की बात तो करती है, लेकिन उसका पालन नहीं करती।
उन्होंने कहा कि संसद में जिन विषयों पर निर्णय होना है, उन पर गंभीर और रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत आरोपों के माध्यम से माहौल बिगाड़ने की कोशिश।
वहीं, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने भी प्रियंका गांधी के आरोपों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की छवि खराब करने का एक राजनीतिक प्रयास है। उनके अनुसार शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर काम शुरू करते ही मंत्री को निशाना बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार के राजनीतिक हमलों से सरकार की शिक्षा सुधार संबंधी पहल प्रभावित नहीं होगी।
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