'पीएम मोदी के लिए छात्रों का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता, विपक्ष के लिए ये सिर्फ राजनीति का जरिया', एनडीए के सांसदों का तंज
नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं, भाजपा और केंद्र सरकार ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों के भविष्य को लेकर संवेदनशील हैं और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक अवसर के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के हित में अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि 22 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी अब प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए कड़े कानून और त्वरित सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं पर काम कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, विपक्ष सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने विपक्ष के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि विपक्ष स्वयं इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा था और सरकार इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संसद महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा का मंच है और विपक्ष को अपनी बात रखनी चाहिए। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया।
ललन सिंह ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर विभिन्न गतिविधियां चल रही हैं और पाकिस्तान से भी कुछ सोशल मीडिया हैंडल सक्रिय हैं। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से पेपर लीक से जुड़े मामलों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने की बात युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की नियमित सुनवाई होगी, जांच समयबद्ध ढंग से पूरी करने का प्रयास किया जाएगा और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
मेघवाल ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी संसद में पेपर लीक मामले पर चर्चा कराने पर सहमति जताई है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष चर्चा नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के मुद्दे पर पहले भी चर्चा हो चुकी है और प्रधानमंत्री ने इस मामले में अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस दिशा में आगे कदम उठाएगी।
राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुरुआत से ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर गंभीर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह केवल राजनीतिक विरोध के लिए इस मामले को उठा रही है।
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने छात्रों की भावनाओं को समझते हुए संवेदनशील संदेश दिया है। कुछ लोग छात्रों की परेशानियों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले से छात्रों के हित में सब होगा।
वहीं, भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पहले भी कई चुनाव हार चुकी है और अब अन्य मुद्दों पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ आंदोलनों के जरिए कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
