'यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम पहल', एनडीए नेताओं ने 'मन की बात' को बताया प्रेरणादायक
नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड का रविवार को देशभर में प्रसारण हुआ। कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेताओं एवं सांसदों ने प्रधानमंत्री के संबोधन की सराहना करते हुए इसे समाज को प्रेरित करने वाला और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के केंद्रपाड़ा में कहा कि वह शिक्षा क्षेत्र और संस्कृत शिक्षा समुदाय की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के माध्यम से संस्कृत भाषा में बीटेक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए शिक्षा मंत्रालय और सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना की है। इससे संस्कृत भाषा के संरक्षण और आधुनिक शिक्षा के साथ उसके समन्वय को नई दिशा मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में भारत के 140 करोड़ नागरिकों और दुनिया भर के लोगों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, खेल और जनभागीदारी जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने विभिन्न सामाजिक अभियानों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने की अपील की और नागरिकों को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित किया।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने 'मन की बात' को दुनिया के सबसे प्रभावशाली और प्रेरणादायक कार्यक्रमों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम लगातार प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित हो रहा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में राजनीतिक विषयों के बजाय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और उनके कार्यों को देश के सामने प्रस्तुत करते हैं, जिससे लाखों लोग प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की मिट्टी, श्रम, तकनीक और डिजाइन से निर्मित युद्धपोत भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस लगभग 200 देशों में मनाया जाता है और योग के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। 'मन की बात' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नागरिकों को जागरूक और प्रेरित करने का सशक्त माध्यम है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर नागरिकों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने सामाजिक नवाचार, कचरा प्रबंधन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्रीय एकता जैसे अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की, जो समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, खेल और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेरणादायक संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचने जैसी अपीलों को स्वीकार करने के लिए देशवासियों का धन्यवाद भी किया। प्रधानमंत्री लगातार पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर लोगों को जागरूक करते रहे हैं।
भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि देशभर में करोड़ों लोग हर महीने 'मन की बात' का इंतजार करते हैं क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि प्रधानमंत्री के विचारों से नई प्रेरणा मिलेगी। प्रधानमंत्री सदैव महिलाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के पक्षधर रहे हैं। संसद द्वारा महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले कानून का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि आगामी चुनावों तक इसका प्रभावी क्रियान्वयन भी हो जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रत्येक माह समाज के उन लोगों की प्रेरणादायक कहानियां देश के सामने लाते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इससे अन्य लोगों को भी समाज और राष्ट्र के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे नवाचारों, सामाजिक प्रयासों और जनसहभागिता को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। इस कार्यक्रम ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एकता के सूत्र में जोड़ने का कार्य किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, "'मन की बात' के 135वें एपिसोड में एक बार फिर उन लोगों को सामने लाया गया जिन्हें पिछली सरकारों ने नजरअंदाज किया था। पहले पद्मश्री पुरस्कार कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रह गया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, असाधारण योगदान देने वाले आम लोगों को पहचान मिल रही है।"
--आईएएनएस
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