एनसीपी के दोनों गुटों में नहीं होगा विलय, पार्टी में शामिल होने वालों का होगा स्वागत: नसीम सिद्दीकी
मुंबई, 7 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चाओं को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि दोनों पार्टियों के बीच किसी तरह का विलय नहीं होने जा रहा है। प्रफुल्ल पटेल और शरद पवार के बीच मुलाकात या बातचीत को विलय से जोड़कर देखना उचित नहीं है। उनकी पार्टी की विचारधारा धर्मनिरपेक्ष है और वह इंडिया गठबंधन के साथ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एनडीए में शामिल नहीं होगी।
नसीम सिद्दीकी ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर जो राजनीतिक हलचल दिखाई दे रही है, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। पटेल हों या पवार साहब से मिलने अस्पताल जाने की बात हो, इसे राजनीतिक मुलाकात के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि विलय की तैयारी के तौर पर। हमारी पार्टी पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि कोई विलीनीकरण नहीं होगा। यदि किसी भी दल का कोई नेता या कार्यकर्ता राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) में शामिल होना चाहता है, तो उसका स्वागत है। उन्होंने पार्टी की धर्मनिरपेक्ष सोच और इंडी गठबंधन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भाजपा का मजबूती से मुकाबला करने वाले नेताओं में राहुल गांधी और शरद पवार शामिल हैं।
10 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल की ओर से शरद पवार से मुलाकात को लेकर जारी वीडियो और पवार की सहमति के सवाल पर सिद्दीकी ने कहा कि प्रफुल्ल पटेल अनुभवी राजनीतिज्ञ और देश के बड़े राजनीतिक नेता हैं। यदि पटेल और पवार किसी विषय पर मिलकर चर्चा करते हैं, तो इसमें कुछ असामान्य नहीं है। राजनीतिक चर्चाएं देश की उन्नति, राज्य की खुशहाली और दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर भी होती हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच होने वाली किसी भी बातचीत को सीधे विलय से जोड़ना सही नहीं होगा। उन्होंने दोहराया कि मुलाकात का मतलब दोनों गुटों का एक होना नहीं है।
चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन का अवसर देने के फैसले पर सिद्दीकी ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वयं साबित करता है कि चुनाव आयोग से पहले बड़ी गलतियां हुई हैं। पिछले समय में बड़े पैमाने पर लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया गया। अब आयोग की ओर से दोबारा मौका दिया जाना इस बात को स्वीकार करने जैसा है कि पहले की प्रक्रिया में गंभीर गलतियां हुई थीं। नैतिकता के आधार पर चुनाव आयुक्तों को सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए।
एसआईआर के खिलाफ सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन को लेकर सिद्दीकी ने कहा कि देश में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गलत एफआईआर दर्ज किए जाने, लोगों को हाउस अरेस्ट किए जाने और महिलाओं को प्रताड़ित किए जाने जैसी घटनाओं के कारण असंतोष बढ़ रहा है। एनजीओ, किसान और मजदूर सहित समाज के अलग-अलग वर्ग सरकार के खिलाफ आक्रोशित हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। सिद्दीकी ने उम्मीद जताई कि यह प्रदर्शन सफल होगा। उन्होंने इसे सरकार के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश का संकेत बताते हुए कहा कि सरकार के जाने की घंटी बज चुकी है और उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से राहुल गांधी और परिवारवाद की राजनीति को लेकर दिए गए बयानों पर सिद्दीकी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितिन नवीन को राष्ट्रीय स्तर की छवि वाला नेता मानने से इनकार करते हुए कहा कि वह पहले बिहार में एक जिले तक सीमित नेता थे। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर क्यों लाया गया।
सिद्दीकी ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और इंडिया ब्लॉक के महत्वपूर्ण नेता हैं। नितिन नवीन को राहुल गांधी के बारे में टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है। राहुल गांधी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप भाजपा और आरएसएस की राजनीतिक लाइन का हिस्सा हैं। राहुल गांधी को अराजकता फैलाने के लिए टूलकिट की तरह इस्तेमाल किए जाने और नक्सलवादी सोच रखने वालों से जुड़े आरोपों पर सिद्दीकी ने कहा कि जब भाजपा को राजनीतिक नुकसान होने लगता है और उसकी जमीन खिसकने लगती है, तब विदेशी फंडिंग और अराजकता जैसे मुद्दे उठाए जाते हैं।
उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए अमेरिका और इजरायल के प्रभाव में नीतियां बनाने का आरोप लगाया। सिद्दीकी ने ईरान से सस्ता तेल खरीदने के बजाय अमेरिका से महंगे दाम पर तेल खरीदने का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि ऐसे में एजेंट किसे कहा जाना चाहिए।
राजीव गांधी फाउंडेशन में विदेशों से पैसा आने के नितिन नवीन के आरोपों पर भी सिद्दीकी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन को देश के लोग गंभीरता से नहीं लेते और उनकी राष्ट्रीय स्तर पर कोई खास छवि नहीं है। सिद्दीकी ने कहा कि नितिन नवीन को विदेश नीति और राजनीति की समझ विकसित करने के बाद ही ऐसे मुद्दों पर टिप्पणी करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा नेता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिना अध्ययन के इस तरह के बयान देना उचित नहीं है।
--आईएएनएस
पीएसके/वीसी
