एनसीपी छोड़ शिवसेना में आए आनंद परांजपे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने राज्य संगठन प्रमुख
मुंबई, 3 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को एक अहम संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) छोड़कर हाल ही में शिवसेना में शामिल हुए पूर्व सांसद आनंद परांजपे को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पार्टी का राज्य संगठन प्रमुख नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए की गई है।
शिवसेना की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, यह फैसला शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों और पार्टी के मुख्य नेता तथा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। आनंद परांजपे को महाराष्ट्र में संगठन को मजबूत करने और पार्टी के विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नियुक्ति पत्र में कहा गया है कि आनंद परांजपे शिवसेना के हिंदुत्व के मूल विचारों और दिवंगत नेता आनंद दिघे की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। साथ ही उनसे अपेक्षा की गई है कि वे सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को साथ लेकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
पार्टी ने विश्वास जताया है कि परांजपे अपने राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के बल पर महाराष्ट्र में शिवसेना के जनाधार को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब शिवसेना शिंदे गुट राज्य में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है।
नियुक्ति पत्र पर शिवसेना के सचिव संजय पुष्पलता भाऊराव मोरे के हस्ताक्षर हैं। पत्र में आनंद परांजपे को शुभकामनाएं देते हुए पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक मजबूती के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनसीपी से आने वाले अनुभवी नेता आनंद परांजपे को यह जिम्मेदारी सौंपना शिवसेना शिंदे गुट की संगठन विस्तार रणनीति का हिस्सा है। उनकी नियुक्ति से पार्टी को महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में संगठनात्मक स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
--आईएएनएस
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