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एनसीबी-मुंबई ने गांजा तस्करी के नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 702 किलोग्राम गांजा जब्त

मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एक एमजेडयू ने 21 मई, यानी गुरुवार को, विशिष्ट सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के गोंडिया में महाराष्ट्र पंजीकरण वाले एक ट्रक से प्रकाश एमडी और पद्मलाल एनएम को रोका। तलाशी के दौरान, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट, और हेयर डाई जैसे किराने के सामान के वैध कार्गो के बीच 100 पैकेटों में चालाकी से छिपाया गया 702 किलोग्राम गांजा बरामद कर जब्त किया गया। गहन पूछताछ में पुष्टि हुई कि जब्त किया गया गांजा ओडिशा से लाया गया था, जो अवैध गांजा आपूर्ति के प्रमुख स्रोतों में से एक है।
 
एनसीबी-मुंबई ने गांजा तस्करी के नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 702 किलोग्राम गांजा जब्त

मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एक एमजेडयू ने 21 मई, यानी गुरुवार को, विशिष्ट सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के गोंडिया में महाराष्ट्र पंजीकरण वाले एक ट्रक से प्रकाश एमडी और पद्मलाल एनएम को रोका। तलाशी के दौरान, डिटर्जेंट, टूथपेस्ट, और हेयर डाई जैसे किराने के सामान के वैध कार्गो के बीच 100 पैकेटों में चालाकी से छिपाया गया 702 किलोग्राम गांजा बरामद कर जब्त किया गया। गहन पूछताछ में पुष्टि हुई कि जब्त किया गया गांजा ओडिशा से लाया गया था, जो अवैध गांजा आपूर्ति के प्रमुख स्रोतों में से एक है।

जांच के दौरान पता चला कि यह खेप नागपुर, गोंडिया, पुणे और मुंबई में स्थित कई महाराष्ट्र-आधारित ड्रग सिंडिकेट के लिए थी। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति नियमित रूप से ओडिशा से महाराष्ट्र में भारी मात्रा में गांजा की तस्करी कर रहे थे। यह पाया गया कि ये गिरोह व्यक्तिगत रूप से माल भेजने के बजाय एक ही खेप में सावधानीपूर्वक माल परिवहन करने के लिए आपस में सहयोग करते थे। इस खेप को महाराष्ट्र और गोवा के कई शहरों में अंतिम ग्राहकों और स्थानीय विक्रेताओं को खुदरा बिक्री के लिए वितरित किया जाना था। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

एनसीबी द्वारा उठाए गए निवारक कदमों के परिणामस्वरूप पिछले दो महीनों में प्रभावी ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें 1 अप्रैल 2026 को 210 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया और 4 प्रमुख ड्रग सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। कार्यप्रणाली पहले जैसी ही थी, यानी ओडिशा से महाराष्ट्र लाए गए गांजे की खेप को संदिग्ध न लगने वाली धातु की चादरों में छिपाना।

यह ऑपरेशन संगठित ड्रग गिरोहों को ध्वस्त करने और मादक पदार्थों के कारोबार को बढ़ावा देने वाले आदतन अपराधियों को निशाना बनाने के एनसीबी के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करता है। ब्यूरो जन स्वास्थ्य की रक्षा करने और '2047 तक नशा मुक्त भारत' के अपने लक्ष्य को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

नागरिकों से आग्रह है कि वे राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर: 1933) के माध्यम से नशीली दवाओं से संबंधित किसी भी जानकारी की सूचना देकर अपना योगदान दें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

--आईएएनएस

एमएस/