सूरज बड़जात्या ने नए कलाकारों को दी सलाह, बोले– 'इंडस्ट्री में मानसिक रूप से मजबूत रहना बेहद जरूरी'
मुंबई, 6 मार्च (आईएएनएस)। मशहूर फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या इन दिनों अपने स्ट्रीमिंग शो 'संगमरमर' को लेकर काफी बिजी हैं। वह जमकर शो के प्रमोशन कर रहे हैं और इस दौरान नए कलाकारों को शिक्षा भी दे रहे हैं। इस बीच, उन्होंने आईएएनएस संग बातचीत में युवा कलाकारों को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेने की सलाह दी।
सूरज बड़जात्या ने कहा, ''अगर किसी कलाकार का काम लोगों को पसंद नहीं आता या कोई प्रोजेक्ट उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं होता, तो ऐसे में हार मानने के बजाय और ज्यादा मेहनत करनी चाहिए। इस इंडस्ट्री में काम करते समय मानसिक रूप से मजबूत रहना बहुत जरूरी है।''
उन्होंने कहा, ''जब कोई कलाकार किसी फिल्म, शो या किसी भी तरह के रचनात्मक काम में मेहनत करता है तो उसे उम्मीद होती है कि लोग उसे पसंद करेंगे, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता। ऐसे में कलाकार को निराशा होती है और वह खुद पर शक करने लगता है। इन हालातों में सबसे जरूरी बात यह है कि कलाकार खुद से यह सवाल पूछे कि क्या उसने अपना बेस्ट दिया था? अगर उसने पूरी मेहनत की है तो उसे परिणाम की चिंता करने के बजाय आगे बढ़ना चाहिए और नए काम पर ध्यान देना चाहिए।''
सूरज बड़जात्या ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, ''जिंदगी के हर क्षेत्र में ऐसा होता है। कभी दिन अच्छा होता है तो कभी मुश्किल भरा। कभी कोई योजना सफल हो जाती है तो कभी महीनों की मेहनत भी तुरंत परिणाम नहीं देती। यह सिर्फ फिल्मों या कला की दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि हर पेशे में ऐसा होता है, इसलिए कलाकारों को भी इन उतार-चढ़ाव को जीवन का सामान्य हिस्सा मानना चाहिए।''
सूरज बड़जात्या ने अपने बयान में श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षा यह है कि इंसान को अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत से करना चाहिए, लेकिन परिणाम को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। अगर कोई कलाकार इस सोच को अपनाता हैं तो वह असफलता से जल्दी बाहर निकल सकता है। अगर किसी भी वरिष्ठ कलाकार से पूछा जाए कि असफलता से कैसे निपटना चाहिए, तो ज्यादातर लोग यही सलाह देंगे कि लगातार मेहनत करते रहो और अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश करो।"
सूरज बड़जात्या का नया शो 'संगमरमर' इस समय जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध है।
--आईएएनएस
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