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नयनतारा-विघ्नेश ने किए भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन, भक्ति भाव में डूबा नजर आया कपल

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। साउथ सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री नयनतारा अपने निर्देशक-निर्माता पति विघ्नेश शिवन के साथ गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) के दर्शन और पूजा-अर्चना की।
 
नयनतारा-विघ्नेश ने किए भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन, भक्ति भाव में डूबा नजर आया कपल

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। साउथ सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री नयनतारा अपने निर्देशक-निर्माता पति विघ्नेश शिवन के साथ गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुंचीं। वहां उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) के दर्शन और पूजा-अर्चना की।

अभिनेत्री और निर्देशक मंदिर परिसर में पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। दोनों एक-दूसरे से बात करते हुए मंदिर के अंदर जा रहे थे। दोनों ने पूरे मन से पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद मंदिर के अधिकारियों ने उन्हें एक सुंदर रेशमी शॉल भेंट की, जो मंदिर का विशेष आशीर्वाद माना जाता है।

अभिनेत्री जल्द ही यश के साथ 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' में नजर आएंगी। इस फिल्म में नयनतारा एक अहम किरदार निभा रही हैं, जिसके बारे में चर्चा है कि वह 'गंगा' का लुक अपनाएंगी।

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति बालाजी) भगवान विष्णु के अवतार भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित दुनिया का सबसे अधिक देखे जाने वाले हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। सात पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर 'कलियुग वैकुंठ' कहलाता है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और प्रसिद्ध 'तिरुपति लड्डू' प्रसाद ग्रहण करते हैं।

यह 2000 साल से अधिक पुराना है, जिसे चोल, पांड्य और विजयनगर राजाओं ने विकसित किया था। द्रविड़ शैली के इस मंदिर में मंगलवार को 'अस्थला अष्टदल पदपद्माराधना' सेवा की जाती है। यह सुबह 6 से 7 बजे के बीच आयोजित की जाती है, जिसमें भगवान वेंकटेश्वर की विधि-विधान से आराधना की जाती है। इसमें भक्त भगवान के दर्शन के साथ-साथ इस विशेष पूजा में भाग लेते हैं, जहां मंत्रोच्चार के साथ 108 स्वर्ण कमल को भगवान श्रीनिवास के चरणों में अर्पित किया जाता है।

इस सेवा की परंपरा विशेष रूप से 1984 में टीटीडी के स्वर्ण जयंती वर्ष में एक भक्त द्वारा स्वर्ण कमल अर्पित करने के बाद शुरू हुई थी। सेवा में शिरकत होने के लिए टीटीडी की वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग या स्पेशल एंट्री टिकट की आवश्यकता होती है।

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम