Aapka Rajasthan

नवजोत सिंह सिद्धू: क्रिकेट, राजनीति और मनोरंजन, जब जहां आए, छा गए 'गुरु'

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। नवजोत सिंह सिद्धू एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने हर उस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की, जिसमें उन्होंने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। क्रिकेट के मैदान से होते हुए सिद्धू की यात्रा राजनीति और मनोरंजन के क्षेत्र में पहुंची। इन दोनों क्षेत्रों में आने के बाद सिद्धू का व्यक्तित्व और निखरा और उनके बेबाक अंदाज ने उनकी लोकप्रियता और दबदबे को पहले से ज्यादा बढ़ाया।
 

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। नवजोत सिंह सिद्धू एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने हर उस क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की, जिसमें उन्होंने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। क्रिकेट के मैदान से होते हुए सिद्धू की यात्रा राजनीति और मनोरंजन के क्षेत्र में पहुंची। इन दोनों क्षेत्रों में आने के बाद सिद्धू का व्यक्तित्व और निखरा और उनके बेबाक अंदाज ने उनकी लोकप्रियता और दबदबे को पहले से ज्यादा बढ़ाया।

20 अक्टूबर 1963 को पंजाब के पटियाला में जन्मे सिद्धू का पहला प्यार क्रिकेट था। वह टॉप ऑर्डर के आक्रामक बल्लेबाज थे।

1981-82 में पंजाब के लिए डेब्यू करने वाले सिद्धू ने एक साल बाद ही 12 नवंबर 1983 को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। 1987 में उन्होंने वनडे फॉर्मेट में डेब्यू किया। कई बार टीम से अंदर-बाहर हुए सिद्धू का अंतरराष्ट्रीय करियर जनवरी 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट खेलने के साथ समाप्त हुआ। दिसंबर 1999 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी।

दाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज ने 51 टेस्ट की 78 पारियों में 9 शतक और 15 अर्धशतक की मदद से 3,202 रन बनाए थे। सर्वाधिक स्कोर 201 रन था। वहीं, 136 वनडे में 6 शतक और 33 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 4,413 रन बनाए। सर्वाधिक स्कोर नाबाद 134 था। वह 1988 एशिया कप, 1990-91 एशिया कप और 1995 एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। उन्होंने 1987 और 1996 वनडे विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

क्रिकेट से संन्यास लेने के दो साल बाद सिद्धू ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा। कमेंट्री बॉक्स में दुनिया ने सिद्धू का बेहद अलहदा, हाजिरजवाब और शायराना अंदाज देखा। कमेंट्री को सिद्धू ने अपने मनोरंजक और रोचक अंदाज में पेश करते हुए दर्शकों के लिए आनंददायक बना दिया।

बोलने की उनकी कला और पहले से हासिल लोकप्रियता ने सिद्धू के लिए राजनीति का दरवाजा खोला। सिद्धू ने भाजपा के टिकट पर 2004 का लोकसभा चुनाव अमृतसर से लड़ा और जीता। 2016 में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। 2017 में कांग्रेस से जुड़े। वह पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे और अमरिंदर सिंह सरकार में मंत्री भी रहे। सिद्धू अभी भी कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।

राजनीति के साथ-साथ नवजोत सिंह सिद्धू ने मनोरंजन के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की। सिद्धू लाफ्टर शो और 'बिग बॉस' में नजर आए। कपिल शर्मा के साथ कॉमेडी शो में उनकी जुगलबंदी ऐसी है कि उनके बिना शो अधूरा लगता है। इसकी वजह सिद्धू की शायरी और उनके कहने का अंदाज है। क्रिकेट के दिनों में बेहद कम बोलने वाले सिद्धू की दूसरी पारी की यूएसपी ही उनका बोलने का बेबाक अंदाज रहा है।

क्रिकेट, राजनीति और मनोरंजन जगत में बड़ी सफलता हासिल करने वाले सिद्धू 63 साल के हो रहे हैं। वह अभी भी तीनों ही क्षेत्रों में अलग-अलग भूमिका में सक्रिय हैं। उन्हें लोग टीवी पर सुनना और सुनते रहना चाहते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी सफलता है।

--आईएएनएस

पीएके