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नमो भारत में यात्रियों का भरोसा कायम, एक साल में 500 से अधिक खोया सामान लौटाया

गाजियाबाद, 1 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ उनके खोए हुए सामान को सुरक्षित वापस पहुंचाने के लिए एनसीआरटीसी की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान एनसीआरटीसी ने 500 से अधिक यात्रियों का खोया या छूटा हुआ सामान उनके सही मालिकों तक पहुंचाया है। वापस किए गए सामान में लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड, वॉलेट, नकदी, जरूरी दस्तावेज, ट्रॉली बैग, वाहन की चाबियां और कपड़े समेत कई अन्य निजी वस्तुएं शामिल हैं।
 

गाजियाबाद, 1 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ उनके खोए हुए सामान को सुरक्षित वापस पहुंचाने के लिए एनसीआरटीसी की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान एनसीआरटीसी ने 500 से अधिक यात्रियों का खोया या छूटा हुआ सामान उनके सही मालिकों तक पहुंचाया है। वापस किए गए सामान में लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईपैड, वॉलेट, नकदी, जरूरी दस्तावेज, ट्रॉली बैग, वाहन की चाबियां और कपड़े समेत कई अन्य निजी वस्तुएं शामिल हैं।

नमो भारत कॉरिडोर पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। ऐसे में यात्रियों की भीड़ और रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच ट्रेन या स्टेशन पर सामान छूट जाने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। एनसीआरटीसी की ओर से ऐसे यात्रियों की मदद के लिए लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य यात्रियों के सामान को सुरक्षित रखना और उचित सत्यापन के बाद उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना है। यदि नमो भारत में सफर के दौरान किसी यात्री का सामान छूट जाता है तो वह लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में इसकी शिकायत दर्ज करा सकता है।

इसके अलावा, स्टेशन स्टाफ, सुरक्षा कर्मी या ट्रेन अटेंडेंट को कोई लावारिस सामान मिलने पर उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन स्थित लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जमा कराया जाता है। यात्री कस्टमर केयर सेंटर के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए 08069651515 पर संपर्क किया जा सकता है। लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जमा सामान की सूची नमो भारत कनेक्ट ऐप और एनसीआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहती है। यात्री अपने सामान की पहचान कर आवश्यक सत्यापन के बाद उसे वापस प्राप्त कर सकते हैं।

एनसीआरटीसी के कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल खोया सामान लौटाने तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में टीम ने कई मौकों पर बिछड़े बच्चों और परिवारों को मिलाने के साथ ही जरूरतमंद यात्रियों की सहायता की है। कई मामलों में कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित हादसे भी टाले गए। एक घटना में दो युवा बहनें गलती से गाजियाबाद के बजाय दुहाई नमो भारत स्टेशन पर उतर गईं। एनसीआरटीसी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के भीतर दोनों को उनके पिता से मिलवा दिया।

इसी तरह गाजियाबाद स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के बाद एक छोटा बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया था। अलग-अलग स्टेशन टीमों के बीच बेहतर समन्वय के चलते बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया गया। मोदीनगर साउथ स्टेशन पर एक बच्ची के अभिभावक ट्रेन से उतर गए, जबकि बच्ची ट्रेन में ही रह गई। टीम ने तुरंत स्थिति को समझते हुए कार्रवाई की और बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया। बेगमपुल स्टेशन पर भी गलत ट्रेन में चढ़े एक बच्चे को कर्मचारियों की सतर्कता के चलते समय रहते उसके परिवार से मिलाया गया।

सितंबर 2025 में आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर सीसीटीवी की रियल-टाइम निगरानी के दौरान तीन नाबालिग लड़कियां चार वयस्क पुरुषों के साथ यात्रा करती दिखाई दीं। लड़कियां परेशान नजर आ रही थीं। एनसीआरटीसी टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान सामने आया कि तीनों लड़कियां उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लापता थीं और उनके संबंध में पहले ही रिपोर्ट दर्ज थी। इसके बाद उन्हें सुरक्षित संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।

मेरठ साउथ स्टेशन पर भी एक युवती को पुलिस के साथ समन्वय कर सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया गया। वहीं, दुहाई स्टेशन पर भ्रमित अवस्था में घूमते मिले एक बुजुर्ग व्यक्ति की भी कर्मचारियों ने तत्काल सहायता की। एनसीआरटीसी का कहना है कि नमो भारत कॉरिडोर को सिर्फ तेज और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था के रूप में ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा, संवेदनशीलता और भरोसे के लिए भी पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। खोया सामान लौटाने से लेकर बिछड़े बच्चों और परिवारों को मिलाने तक, कर्मचारियों के ये प्रयास यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी