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नैनीताल के पहाड़ों की गोद में बसा श्री संकट मोचन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

उत्तराखंड, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। देवभूमि उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में प्रकृति और आस्था का संगम देखने को मिलता है। एक ओर खूबसूरत झील, हरे-भरे पहाड़ और ठंडी हवा लोगों को अपनी तरफ खींचती है, तो दूसरी ओर यहां के प्राचीन मंदिर भक्तों को आध्यात्मिकता का अनुभव करवाते हैं।
 
नैनीताल के पहाड़ों की गोद में बसा श्री संकट मोचन मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र

उत्तराखंड, 2 अप्रैल (आईएएनएस)। देवभूमि उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल में प्रकृति और आस्था का संगम देखने को मिलता है। एक ओर खूबसूरत झील, हरे-भरे पहाड़ और ठंडी हवा लोगों को अपनी तरफ खींचती है, तो दूसरी ओर यहां के प्राचीन मंदिर भक्तों को आध्यात्मिकता का अनुभव करवाते हैं।

नैनीताल में स्थित प्रसिद्ध श्री संकट मोचन मंदिर राम भक्त हनुमान जी को समर्पित है। यह मंदिर ऊंचे पहाड़ों की गोद में बसा हुआ है। मंदिर की दिव्यता और आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य मिलकर भक्तों को नई ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करता है।

मंदिर की महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है। हजारों श्रद्धालु हर साल यहां आते हैं और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं। हनुमान जन्मोत्सव के दिन गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंदिर का खास वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, "जनपद नैनीताल में स्थित श्री संकट मोचन मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसकी दिव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करती है। नैनीताल आगमन पर यहां पधारकर श्री हनुमान जी के दर्शन अवश्य करें।"

मंदिर को आमतौर पर हनुमान गढ़ी भी कहा जाता है। इस स्थान की स्थापना बाबा नीब करौली के आदेश पर लगभग 1950 के आसपास की गई थी। इस पहाड़ी की दूसरी तरफ शीतला देवी मंदिर और लीला शाह बापू आश्रम स्थित हैं।

यहां लोग खासतौर पर शाम के समय सुंदर सूर्यास्त का नजारा देखने के लिए भी आते हैं, जो इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देता है।

यहां हनुमान जी की एक अनोखी प्रतिमा स्थापित है, जिसमें वे अपनी छाती खोलते हुए दिखाई देते हैं। उनके हृदय में भगवान राम और सीता विराजमान हैं।

हनुमान गढ़ी मंदिर से तराई घाटी का बहुत सुंदर नज़ारा भी देखने को मिलता है। इस मंदिर की पहाड़ी के दूसरी तरफ शीतला माता मंदिर और लीला साह बापू आश्रम स्थित हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूरी होती है।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम