मसूरी गोलीकांड के शहीदों को सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- आने वाली पीढ़ियां रखेंगी याद
देहरादून, 2 सितंबर (आईएएनएस)। मसूरी में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलन के सभी ज्ञात-अज्ञात आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती उन वीर आंदोलनकारियों के बलिदान की हमेशा ऋणी रहेगी, जिन्होंने अलग राज्य के सपने को साकार करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह पिछले पांच वर्षों से लगातार स्मृति दिवस के अवसर पर मसूरी पहुंचकर आंदोलनकारियों और शहीदों को श्रद्धांजलि देते रहे हैं। इस बार खटीमा में तेज बारिश के कारण वह कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। सुबह करीब 8:30 बजे से लगातार तेज बारिश हो रही थी और उन्हें 10:30 बजे तक मसूरी पहुंचना था, लेकिन मौसम की वजह से वह वहां नहीं पहुंच पाए। लगातार पांच वर्षों तक कार्यक्रम में उपस्थित रहने के बाद इस बार वहां नहीं पहुंच पाने का उन्हें व्यक्तिगत रूप से कष्ट है। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से ही अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने खटीमा गोलीकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इसके विरोध में मसूरी में भी आंदोलन हुआ था। अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनके पास कोई हथियार नहीं था और न ही उनके मन में हिंसा का भाव था। आंदोलनकारियों के सामने केवल बेहतर उत्तराखंड और अलग राज्य का सपना था। तत्कालीन व्यवस्था ने लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही आवाज को गोलियों से दबाने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस घटना में उत्तराखंड की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए आंदोलनकारियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इन बलिदानों ने अलग राज्य के आंदोलन को नई शक्ति, दिशा और संघर्ष दिया। धामी ने अमर बलिदानी बेलमती चौहान, हंसा धनाई, बलबीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, राय सिंह बंगारी और मनमोहन ममगाईं को श्रद्धापूर्वक नमन किया। साथ ही, उन्होंने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जान गंवाने वाले डीएसपी उमाकांत त्रिपाठी को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में योगदान देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों और कार्यक्रम में मौजूद आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन के बलिदानों को आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। धामी ने आगे कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। इन शहीदों की स्मृतियां राज्य की अस्मिता और स्वाभिमान से हमेशा जुड़ी रहेंगी।
--आईएएनएस
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