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मुंह में छाले होने पर कान में क्यों होने लगता है दर्द? जानिए दोनों के बीच क्या है कनेक्शन

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। मुंह में छाला होना सुनने में भले ही छोटी सी परेशानी लगे, लेकिन जब यही छाला खाने, पीने या बोलने में दर्द देने लगे तो काफी तकलीफ होती है। कई बार इस दर्द के साथ कान में भी दर्द महसूस होने लगता है। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि शायद कान में कोई इंफेक्शन हो गया है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार परेशानी मुंह में होती है और उसका दर्द कान तक महसूस होता है। जब छाला जीभ के पीछे, मुंह के पिछले हिस्से या गले के पास हो, तब कान में दर्द जैसा एहसास होता है।
 

नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। मुंह में छाला होना सुनने में भले ही छोटी सी परेशानी लगे, लेकिन जब यही छाला खाने, पीने या बोलने में दर्द देने लगे तो काफी तकलीफ होती है। कई बार इस दर्द के साथ कान में भी दर्द महसूस होने लगता है। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि शायद कान में कोई इंफेक्शन हो गया है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार परेशानी मुंह में होती है और उसका दर्द कान तक महसूस होता है। जब छाला जीभ के पीछे, मुंह के पिछले हिस्से या गले के पास हो, तब कान में दर्द जैसा एहसास होता है।

दरअसल, हमारे मुंह, गले और कान के आसपास की नसें एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। जब मुंह के किसी हिस्से में छाला, जलन या सूजन होती है तो वहां से निकलने वाला दर्द का संकेत आसपास के दूसरे हिस्सों में भी महसूस हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में 'रेफर्ड पेन' कहते है।

अगर छाले के साथ कान में दर्द हो रहा है तो सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि दर्द सिर्फ हल्का है और छाले के साथ ही शुरू हुआ है या कान में अलग तरह की परेशानी भी है। अगर छाला ठीक होने के साथ कान का दर्द भी कम होने लगे तो संभव है कि दोनों का संबंध हो। लेकिन अगर कान में लगातार दर्द बना हुआ है तो सिर्फ छाले को इसकी वजह मान लेना सही नहीं होगा।

कान का दर्द कई दूसरी वजहों से भी हो सकता है। कान में इंफेक्शन, दांत में परेशानी, मसूड़ों की समस्या या गले में दर्द होने पर भी कान तक दर्द पहुंच सकता है। अगर कान के दर्द के साथ दांत में तेज दर्द है या निगलने पर दर्द बढ़ रहा है तो इसकी वजह मुंह या गले की कोई दूसरी समस्या भी हो सकती है। वहीं कान से पानी या पस निकलना, सुनाई कम देना, बुखार आना या कान के आसपास सूजन होना कान की समस्या की ओर इशारा कर सकता है।

छाले के दौरान खाने-पीने में थोड़ी सावधानी बरतने से दर्द कम किया जा सकता है। बहुत तीखा, खट्टा, नमकीन और बहुत गर्म खाना कुछ दिनों के लिए छोड़ देना बेहतर रहता है, क्योंकि इससे छाले में जलन बढ़ सकती है। इसकी जगह नरम खाना खाएं और ठंडे या सामान्य तापमान वाले पेय लें। मुलायम ब्रश से दांत साफ करें।

घर पर राहत के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर कुल्ला करें। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालें, उससे मुंह अच्छी तरह घुमाकर कुल्ला करें और बाहर निकाल दें। इससे छाले की वजह से होने वाली परेशानी में कुछ राहत मिल सकती है।

बार-बार छाले होने की वजह भी सिर्फ मसालेदार खाना नहीं होती। तनाव, शरीर में कुछ विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों की कमी भी बार-बार होने वाले छालों से जुड़ी हो सकते है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को बार-बार छाले होते हैं तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से इसकी वजह जानना बेहतर है।

--आईएएनएस

पीके/एएस